Home
Class 7
MATHS
त्रिभुजों के युग्मो के कुछ भागो के निम्न...

त्रिभुजों के युग्मो के कुछ भागो के निम्न माप दिए गए है! RHS सर्वांगसमता प्रतिबंध का प्रयोग करके बताइये की क्या ये त्रिभुज युग्म सर्वांगसम है या नहीं! सर्वांगसम त्रिभुजों की स्थिति में, उत्तर को सांकेतिक रूप में भी लिखिए:
`{:(DeltaABC,DeltaPQR),(angleB=90^(@)AC=8cmAB=3cm,angleP=90^(@)PR=3cmQR=8cm),(angleA=90^(@) AC=6cm BC=9cm, angleQ=90^(@) PR=8cm PQ=5cm):}`

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

Construct a right angled triangle PQR in which angleQ=90^(@),PQ=3.6cm and PR = 8.5 cm .

Given below are measurements of some part of two triangles.Check whether the two triangles are congruent or not,using RHS congurence rule.In case of congruent triangle,write the result in symboilic form: {:(DeltaABC,DeltaPQR)(angleB= 90^(@),AC= 8cm,AB=3cm,angleP=90^(@),PR= 3cm,QR= 8cm):}

बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति प्रस्तुत गद्यांश का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक निम्नलिखित में से क्या हो सकता है?

बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति बौद्ध शिक्षा पद्धति के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

Recommended Questions
  1. त्रिभुजों के युग्मो के कुछ भागो के निम्न माप दिए गए है! RHS सर्वांगसम...

    Text Solution

    |

  2. In DeltaPQR, /QPR=90^(@) and PDbotQR. If PR=8cm and PQ=6cm, then find ...

    Text Solution

    |

  3. त्रिभुजों के युग्मो के कुछ भागो के निम्न माप दिए गए है! RHS सर्वांगसम...

    Text Solution

    |

  4. एक त्रिभुज ABC सर्वांगसम है DeltaPQR के। यदि DeltaABC में angleA=90^(@...

    Text Solution

    |

  5. In DeltaPQR,angleP=60^(@),angleQ=90^(@) and PR=15cm. Find PQ.

    Text Solution

    |

  6. त्रिभुज |त्रिभुजों के प्रकार |सर्वांगसम आकृतिया |त्रिभुजों का सर्वांगस...

    Text Solution

    |

  7. त्रिभुज |सर्वांगसम आकृतिया |त्रिभुजों का सर्वांगसमता |अभिग्रहीत SAS सर...

    Text Solution

    |

  8. प्रेमय Revision|त्रिभुजों की सर्वांगसमता के लिए कुछ और कसौटियाँ |प्रेम...

    Text Solution

    |

  9. त्रिभुज|त्रिभुजों के प्रकार|सर्वांगसम आकृतियाँ|समरूप आकृतियाँ |सारांश

    Text Solution

    |