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Class 12
PHYSICS
हाइड्रोजन परमाणु के लिए बोर की तीनों परि...

हाइड्रोजन परमाणु के लिए बोर की तीनों परिकल्पनाएँ लिखिए एवं समझाइए।

लिखित उत्तर

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बोर का परमाणु मॉडल-नील बोर ने क्वाण्टम सिद्धान्त के आधार पर रदरफोर्ड के परमाणु मॉडल की कठिनाइयों को दूर किया। इसके लिए उन्होंने निम्नलिखित तीन नई परिकल्पनाएँ प्रस्तुत की-
1. इलेक्ट्रॉन नाभिक के चारों ओर केवल उन्हीं कक्षाओं में घूग सकते हैं, जिनके लिए उनका कोणीय संवेग `h//2pi` का पूर्ण गुणज होता है। यदि इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान m, उसके वृत्तीय मार्ग की त्रिज्या r तथा उसका वेग v हो तो उसका कोणीय संवेग
`mvr=nh//2pi`
जहाँn = 1, 2, 3, 4, ... जिसे कक्षा की क्रम संख्या अथवा मुख्य क्वाण्टम संख्या कहते हैं। इस प्रकार बोर ने माना कि इलेक्टॉन नाभिक के चारों ओर कुछ निश्चित त्रिज्याओं की कक्षाओं में ही घूम सकते हैं, सभी में नहीं। इन कक्षाओं को स्थायी कक्षाएँ कहते हैं।
2. स्थायी कक्षाओं में घूमते समय इलेक्ट्रॉन ऊर्जा का उत्सर्जन नहीं करते, अतः परमाणु का स्थायित्व बना रहता है।
3.जब परमाणु को किसी कारणवश बाहर से उपयुक्त ऊर्जा मिल जाती है तो उसका कोई इलेक्टॉन अपनी निश्चित कक्षा को छोड़कर किसी ऊँची कक्षा अर्थात् उत्तेजित अवस्था में चला जाता है, परन्तु यह वहाँ केवल 10 सेकण्ड तक ठहर कर तुरन्त ही अपनी नीची कक्षा में वापस लौट आता है तथा लौटते समय दोनों कक्षाओं में ऊर्जा के अन्तर को वैद्युतचुम्बकीय तरंग के रूप में ऊर्जा उत्सर्जित कर देता है।
यदि इलेक्ट्रॉन की ऊंची कक्षा में ऊर्जा E, तथा नीची कक्षा में ऊर्जा E, हो तथा उत्सर्जित तरंग की आवृत्ति । हो तो
`hv=E_(2)-E_(1)` अथवा `v=((E_(2)-E_(1)))/(h)`
अत: परमाणु से ऊर्जा का उत्सर्जन केवल तभी तक होता है जब तक कि कोई इलेक्ट्रॉन किसी निश्चित ऊँची कक्षा से निश्चित नीची कक्षा में लौटता है। इस प्रकार किसी परमाणु से केवल कुछ निश्चित आवृत्तियों की तरंगें ही उत्सर्जित होती - हैं जिनके कारण रेखीय स्पेक्ट्रम प्राप्त होता है।
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