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Class 12
CHEMISTRY
किसी विद्युत-अपघट्य की चालकता एवं मोलर च...

किसी विद्युत-अपघट्य की चालकता एवं मोलर चालकता को परिभाषित कीजिए। सान्द्रता परिवर्तन करने पर इन पर क्या प्रभाव होगा? समझाइए।

लिखित उत्तर

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चालकता तथा मोलर चालकता पर सान्द्रता का प्रभाव-किसी विद्युत अपघट्य की सान्द्रता परिवर्तन के साथ चालकता में परिवर्तन होता है क्योंकि विद्युत अपघट्य को चालकता इसके विलयन में उपस्थित आयनों की संख्या पर निर्भर करता है। विद्युत अपघट्यों को तनु करने पर उनके आयनन की दर बढ़ती है, फलस्वरूप आयनों की संख्या बढ़ने पर चालकता भी बढ़ता है। विद्युत-अपघट्यों की तनुता (सान्द्रता घटाने पर) उनके तुल्यांकी एवं मोलर चालकता भी बढ़ते हैं क्योंकि तनुता बढ़ाने पर यद्यपि विशिष्ट चालकत्व (`kappa`) का मान घटता है, परन्तु एक ग्राम-तुल्यांक या एक ग्राम-मोल विद्युत अपघट्य रखने वाले विलयनों का आयतन (V) बढ़ता है।
`therefore` तुल्यांकी चालकता = विशिष्ट चालकता `(kappa)` x विलयन का आयतन जिसमें एक ग्राम-तुल्यांक विद्युत-अपघटन विलेय है। तथा मोलर चालकता = विशिष्ट चालकता `(kappa)` x विलयन का आयतन जिसमें एक ग्राम मोल विद्युत अपघट्य विलेय है।
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