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Class 12
CHEMISTRY
कोलराऊश के नियम की व्याख्या कीजिए।...

कोलराऊश के नियम की व्याख्या कीजिए।

लिखित उत्तर

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कोलराऊश का नियम-दुर्बल विद्युत अपघट्यों की मोलर चालकता (अनन्त तनुता पर) की गणना करने के लिए कोलराऊश ने एक नियम प्रतिपादित किया जिसे कोलराउस का नियम कहते हैं। इसके अनुसार, "अनन्त तनुता पर, किसी विद्युत अपघट्य की मोलर चालकता उसके सभी धनायनों एवं ऋणायनों की आयनिक मोलर चालकता का योग होती है।"
कोलराऊश के नियम का अनुप्रयोग-कोलराउस के नियम का महत्त्वपूर्ण अनुप्रयोग दुर्बल विद्युत अपघट्यों की अनन्त तनुता पर मोलर-चालकता की गणना करना है। उदाहरण-ऐसीटिक अम्ल की अनन्त तनुता पर मोलर चालकता (`wedge_m^oo`) के मान की गणना, हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCI), सोडियम एसीटेट `(CH_3 COONa)` तथा सोडियम क्लोराइड जैसे प्रबल विद्युत अपघट्यों की मोलर चालकताओं के मान ज्ञात करके की जाती है। माना कि इनकी मोलर चालकताओं के मान क्रमशः x,y तथा z हैं तो कोलराऊश के नियमानुसार,
`wedge_m^oo (CH_3COOH) =lambda_(CH_3COO^-)^oo + lambda_(H^+)^oo`
`wedge_m^oo (HCl) =x=lambda(H^+)^oo + lambda_(Cl^-)^oo` ...(1)
`wedge_m^oo (CH_3COONa) = y=lambda_(CH_3COO^-)^oo + lambda_(Na^+)^oo` ...(2)
`wedge_m^(oo)(NaCl)=z=lambda_(Na^+)^oo + lambda_(Cl^-)^oo` ...(3)
समीकरण (1) व (2) के योग से समीकरण (3) को घटाने पर,
`wedge_(m)^oo (HCl) + wedge_m^oo(CH_3COONa) - wedge_m^oo(NaCl) = lambda_(m)^oo(CH_3COO^-) + lambda_m^oo(H^+)`
`x+y-z=wedge_m^oo (CH_3COOH)`
इस प्रकार, `wedge_m^oo(CH_3COOH)` के मान की गणना कर लेते हैं।
वियोजन की कोटि ज्ञात करने में - किसी दुर्बल विद्युत अपघट्य के वियोजन की कोटि (मात्रा), इसकी मोलर चालकता से निम्न प्रकार सम्बन्धित होती है -
वियोजन की मात्रा (कोटि) =`wedge_m^c/wedge_m^oo`
जहाँ `wedge_m^c`= किसी सान्द्रता c पर विद्युत-अपघट्य के विलयन की मोलर चालकता
`wedge_m^oo` = अनन्त तनुता पर उसी विद्युत अपघट्य के विलयन की मोलर चालकता।
अत: अनन्त तनुता तथा किसी सान्द्रता c पर, विद्युत-अपघट्य के विलयन की मोलर चालकता ज्ञात होने पर इसके वियोजन की कोटि की गणना उपर्युक्त सूत्र द्वारा की जा सकती है।
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