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CHEMISTRY
अपोहन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।...

अपोहन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

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कोलॉइडी विलयन का शोधन
कोलॉइडी विलयनों के शोधन की विधियाँ निम्नलिखित है-
(i) अपोहन-वह विधि जिसके द्वारा किसी सॉल में उपस्थित आयन तथा यूरिया, शक्कर आदि अनु किसी पारगम्य झिल्ली में से परासरित होकर शुद्ध सॉल देते है, अपोहन कहलाती है। पारगम्य, झिल्लियाँ, जन्तु झिल्लियाँ, चर्मपत्र या सेलोफेन आदि होती है। इनके छिद्रो में से आयन निकल जाते है, परन्तु कोलॉइडी कण नहीं निकल सकते है। वह उपकरण जिससे अपोहन किया जाता है, उसको अपोहक कहते है।
एक काँच के बेलन पर एक तरफ एक चर्मपत्र खींचकर बाँध देते है। इसमें कोलॉइडी विलयन भरकर इसको एक शुद्ध पानी से भरे बीकर में लटका देते है। बीकर में आसुत जल का बहाव लगातार किया जाता है। कुछ समय में विद्युत-अपघट्य की अशुद्धियाँ चर्मपत्र के छिद्रो से निकलकर बाहर चली जाती है और शुद्ध कोलॉइडी विलयन प्राप्त हो जाता है, जिसको चर्मपत्र से पृथक कर लेते है।
(ii) विद्युत-अपोहन-विद्युत के द्वारा अपोहन करने की क्रिया को विद्युत-अपोहन कहते है। इस विधि के द्वारा केवल विद्युत-अपघट्य की अशुद्धियाँ ही दूर हो सकती है। इसमें प्रयुक्त उपकरण साधारण अपोहन जैसा होता है, परन्तु इसमें बाह्य धरा प्रवाहित करने पर कोलॉइडो विलयन में उपस्थित आयनिक अशुद्धियाँ तेजी से विपरीत इलेक्ट्रोड की तरफ चलती है। इस विधि के द्वारा विद्युत-अनअपघट्य की अशुद्धियाँ जैसे शक्कर, यूरिया आदि दूर नहीं हो सकती है।

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