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BIOLOGY
परागणकारी जन्तु तथा आवृतबीजी पौधों के पु...

परागणकारी जन्तु तथा आवृतबीजी पौधों के पुष्प के सहसम्बन्ध पर प्रकाश डालिए।

लिखित उत्तर

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परागणकारी जन्तु तथा आवृतबीजी पौधों के पुष्प में परस्पर सहसम्बन्ध होता है। एक विशेष प्रकार का कीट या जन्तु ही किसी विशेष पुष्प में परागण कर सकता है। जैसे- यह इनके सहविकास का प्रभाव है।
(i) गूलर, पीपल, अंजीर आदि में विशेष प्रकार के कीट जैसे छोटे बर्र (vasps) ही उदुम्बरक (hypanthodium) पुष्पक्रम में प्रवेश कर पाते हैं| (ii) आक (Calotropis) में प्रत्येक परागकोश के सभी परागकण परस्पर मिलकर एक समूह बना लेते हैं। इस विशिष्ट संरचना को पोलीनिया (pollinia) कहते हैं। ये विशिष्ट कीट के पादों में उलझकर गन्तव्य तक पहुंच जाते हैं। (iii) साल्विया (Salvia) के पुष्प की बनावट के कारण विशिष्ट कीट के द्वारा ही परागण होता है। (iv) कुछ पौधों में परागण पक्षियों, चमगादड़, घोघों आदि के द्वारा होता है जैसे बिगनोनिया, सेमल में पक्षी द्वारा, कदम्ब, सेमल तथा बोहीनिया में चमगादड़ द्वारा, जलीय आवास के समीपवर्ती क्षेत्रों के पौधों में घोंघों द्वारा परागण होता है।
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