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अब हर सवाल का जवाब Whatsapp पर भी | Message at 8400400400 | Whatsapp पर तुरंत Answer

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The following pe chart shows the monthly expenditure of a family on various items. If the family spends Rs. 825 on clothing, answer the question. निम्नलिखित पाई-चार्ट में किसी परिवार के विभिन्न मदों पर होने वाले खर्च का दर्शाया गया है। यदि परिवार वस्त्रों पर 825 रू खर्च करे तो प्रश्न का उत्तर दीजिए। What is the average of expenses on clothing and rent? वस्त्रों और किराये पर खर्च होने वाली औसत राशि बताएं ?

The following pie-chart shows the monthly expenditure of a family on various items. If the family spends Rs. 825 on clothing, answer the question. निम्नलिखित पाई-चार्ट में किसी परिवार के विभिन्न मदों पर होने वाले खर्च का दर्शाया गया है। यदि परिवार वस्त्रों पर 825 रू खर्च करे तो प्रश्न का उत्तर दीजिए। What is the ratio of expenses on food and miscellaneous ? भोजन और विविध मदों पर होने वाले खर्च के बीच का क्या अनुपात है?

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो, उससे कही महत्त्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनों को जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी की कहे को सुनने के लिए उसे महसूस करने के लिए. पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा- 'पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानो के बिलकुल पास खड़े हों, और तब उनका स्पर्श दूसरों को आगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे ...... सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। 'इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है।' वाक्य में आए 'भी', 'तो' शब्द हैं

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनी ही जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है। और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा-पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे-छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानों के बिल्कुल पास खड़े होते थे, और तब उनका स्पर्श दूसरों को अगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी। और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे.. सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। 'इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है।' वाक्य में आए 'भी', 'तो' शब्द है

The following pie-chart shows the monthly expenditure of a family on various items. If the family spends Rs. 825 on clothing, answer the question. निम्नलिखित पाई-चार्ट में किसी परिवार के विभिन्न मदों पर होने वाले खर्च का दर्शाया गया है। यदि परिवार वस्त्रों पर 825 रू खर्च करे तो प्रश्न का उत्तर दीजिए। The ratio of average of expenses on food, clothing and miscellaneous items to the average of expenses on savings and rent is भोजन, वस्त्र ओर विविध मदों पर होने वाले खर्च के औसत का बचत और किराये पर होने वाले खर्च के औसत से अनुपात क्या है?

कमज़ोर विचारक तत्काल उत्तर की ओर दौड़ता है। पर सोचने वाले बच्चे .. समय लेते हैं। सवाल पर विचार करते हैं। क्या यह अन्तर केवल सोचने के कौशल के होने या न होने के कारण है? एक ऐसा कौशल जो केवल एक तकनीक है और जिसे, अगर भाग्य ने साथ दिया तो, हम बुद्धि से बच्चों कों सिखा सकते हैं। क्या बच्चों को इस कौशल में प्रशिक्षित कर सकते हैं? मुझे भय है कि ऐसा नहीं है। अच्छा विचारक सोचने में समय इसलिए लगा सकता है, क्योकि वह अनिश्चय को सह सकता है। वह इस बात को भी झेल सकता है कि वह कोई चीज नहीं जानता। पर कमजोर विचारक को कुछ न जानने की कल्पना ही असहनीय लगती है। क्या इस पूरे विश्लेषण से हम यह नहीं पाते कि असल में इन बच्चों में 'गलत' होने का भय बैठा होता है? बेशक यही भय है जो मॉनिका जैसे बच्चों पर भयानक दबाव डालता है। ठीक ऐसे ही दबाव हैल भी महसूस करता है। शायद मैं भी। मॉनिका अकेली नहीं है जो सही होना चाहती है और गलत होने से डरती है। पर यहाँ शायद एक दूसरी असुरक्षा की भावना काम करती होती है। यह असुरक्षा की भावना पैदा होती है सवाल के लिए कोई भी जवाब नहीं होने से। . मोनिका पर किस बात का दवाव रहता है?