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BIOLOGY
क्रेसूलेसियन अम्ल उपापचय के द्वारा CO(2)...

क्रेसूलेसियन अम्ल उपापचय के द्वारा `CO_(2)` के स्थिरीकरण का होना माँसलोद्भिद व शुष्कोद्भिद पादपों में कार्यिकी अनुकूलन है। समझाइये।

लिखित उत्तर

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क्रेसुलेसियन अम्ल उपापचय क्रिया सामान्यतया माँसलोद्भिद व शुष्क वातावरण में पाये जाने वाले पौधों में मिलती है। इन पौधों में पर्ण रंध्र रात्रि के समय खुले रहते हैं तथा दिन के समय बंद रहते हैं अत: ये पौधे रात्रि में `CO_(2)` का उपयोग कर उसे कार्बनिक अम्लों के रूप में एकत्र कर लेते हैं तथा दिन के समय डिकार्बोक्सीलीकरण क्रिया द्वारा कार्बनिक अम्ल से मुक्त `CO_(2)` का उपयोग केल्विन चक्र में करते हैं और कार्बोहाइड्रेट का निर्माण करते हैं।
अंत: माँसलोद्भिद व शुष्कोद्भिद पादपों में `CO_(2)` का स्थिरीकरण केसुलेसियन अम्ल उपापचय के द्वारा होता है । जिसमें पौधे बिना जल हानि के अकार्बनिक पदार्थों का निर्माण करते हैं । यह इनका कार्यिकी अनुकूलन है।
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