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BIOLOGY
वृद्धि, विभेदन, परिवर्धन, निर्विभेदन, पु...

वृद्धि, विभेदन, परिवर्धन, निर्विभेदन, पुनर्विभेदन,सीमित वृद्धि, मेरिस्टेम तथा वृद्धि दर की परिभाषा दें।

लिखित उत्तर

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परिभाषा-वृद्धि (Growth)– ऊर्जा खर्च करके होने वाली उपापचयी क्रियाएँ वद्धि है। किसी भी जीवित प्राणि के लिए वृद्धि एक उत्कृष्ट घटना है। यह एक अनुत्क्रमणीय, बढ़तयुक्त तथा मापदंड में प्रकट होने वाली क्रिया है जैसे आकार, क्षेत्रफल, लम्बाई, ऊँचाई, आयतन कोशिका संख्या आदि।
विभेदन (Differentation) शीर्ष विभज्योतक तथा केम्बियम आदि से बनने वाली कोशिकाएँ सर्वप्रथम रसायन होती है परन्तु बाद में विभेदन के कारण विभिन्न रूप में परिवर्तित होती है। जैसे जाइलम व फ्लोएम के तत्व आदि।
परिवर्धन (Development)-परिवर्धन वह शब्द है जिसके अन्तर्गत एक जीव के जीवन चक्र में आने वो सारे बलदाव शामिल है. जो बीजाकुरण तथा जरावस्था के मध्य आते हैं। निर्विभेदन-कछ विशिष्ट परिस्थितियों में जीवित विभेदित कोशिकाओं में विभाजन की पुनः क्षमता प्राप्त हो जाती है, इस क्षमता को निर्विभेदन कहते हैं। पुनर्विभेदन—निर्विभेदित कोशिकाओं द्वारा उत्पादित कोशिकाएँ बाद में विभाजन की क्षमता खो देती हैं जिससे विशिष्ट कार्यों को सम्पादित किया जा सके, इसे पुनर्विभेदन कहते हैं।
सीमित वृद्धि (Determinate growth)- पौधों में वृद्धि सीमित भी होती है और असीमित भी। पौधे जीवन पर्यन्त वृद्धि करते रहते हैं अतः असीमित वृद्धि की क्षमता होती हैं। इस वृद्धि का कारण विभज्योतक ऊतक की शीर्ष पर उपस्थित है (मूल शीर्ष, स्तम्भ शीर्ष) पार्श्व विभज्योतक के कारण पौधे चौड़ाई में बढ़ते हैं।
मेरीस्टेम (Menistem)- ये विभाज्योतक ऊतक है, इसकी कोशिकाएँ सदैव विभाति होती रहती है। यह ऊतक शीर्ष पर, पार्श्व में मिलता है जैसे मूल शीर्ष, स्तम्भ शीर्ष तथा केम्बियम आदि।
वृद्धिदर (Growth rate)- समय की प्रति इकाई में बढ़ी हुई वृद्धि को वृद्धि दर कहते हैं। इसे गणित रूप में दर्शाया जा सकता है। एक जीव अथवा उसका अंग विभिन्न तरीकों से अधिक कोशिका निर्माण कर सकता है । वृद्धि दर इसे ज्यामितीय अथवा अंकगणितीय रूप से दर्शाती है।
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