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Class 11
BIOLOGY
निम्नलिखित का वर्णन कीजिए - (ii) जलचक्र...

निम्नलिखित का वर्णन कीजिए - (ii) जलचक्र

लिखित उत्तर

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तन्त्रिका तन्तु के समान्तर आवेगों का संचरण-माइलिन आच्छद युक्त तन्त्रिका तन्तुओं में आवेश का संचरण एक पर्व संधि से दूसरी पर्व संधि पर तेजी से होता है। माइलिन आच्छद रहित तन्त्रिका तन्तु पर पूरी लम्बाई में आयन विनिमय द्वारा विध्रुवण की स्थिति आगे बढ़ती है। इसके बाद पुनः ध्रुवण उत्पन्न होता है। विध्रुवण व ध्रुवण के फलस्वरूप तन्त्रिका आवेग आगे बढ़ता है
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