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BIOLOGY
पित्त पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए...

पित्त पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए

लिखित उत्तर

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इसमें प्रकाश की किरणे वस्तु पर गिर कर परावर्तित हो कॉर्निया में प्रवेश करती हैं। जब ये किरणे कोर्निया तथा एक्वस हमर से होकर लैन्स तक पहुँचती हैं, तो अपवर्तन के कारण झुक जाती हैं और लैन्स से निकलने के बाद ये काचाभ द्रव से होकर रेटिना पर पहुँचती हैं, जहाँ पर वस्तु का उल्टा, छोटा परन्तु वास्तविक प्रतिबिम्ब बनता हैं । यह सन्देश मस्तिष्क के दृष्टि वल्कुट में भेजा जाता है। जहां इमेज की पूर्व स्मृति के आधार पर पहचान की जाती है। लैंस पर गिरने वाले प्रकाश की मात्रा का नियमन आइरिस द्वारा किया जाता है। दिन के समय तेज प्रकाश में अवरोधनी पेशियाँ संकुचित होकर पुतली (pupil) का आकार छोटा कर देती है जबकि रात्रि के समय/मन्द प्रकाश में प्रसारी पेशियाँ संकुचित होकर पुतली का आकार चौड़ा कर देती है। मनुष्य के सामान्य नेत्र को एमेट्रोपिक नेत्र (Emmetropic) कहते हैं। यह 20 इंच से 20 फीट तक दूरी की वस्तुओं को स्पष्ट देख सकता है परन्तु अनेक कारणों से इस दृष्टि में विभिन्नताएं आ जाती हैं।
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