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Class 10
PHYSICS
निम्नलिखित को समझाइए- (i) वायुमंडलीय अ...

निम्नलिखित को समझाइए-
(i) वायुमंडलीय अपवर्तन एवं अग्रिम सूर्योदय।
(ii) निकट दृष्टि दोष युक्त नेत्र का किरण चित्र बनाइए।

लिखित उत्तर

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(i) वायुमंडलीय अपवर्तन-पृथ्वी के वायुमण्डलीय के कारण प्रकाश का अपवर्तन वायुमण्डलीय अपवर्तन कहलाता है।
पृथ्वी की सतह पर गरम वायु अपने ऊपर की ठंडी वायु की तुलना में कम सघन होती है तथा इसका अपवर्तनांक भी कम होता है । वायु .जो अपवर्तक माध्यम है- उसकी भौतिक अवस्थाएँ स्थिर नहीं हैं। अत: गरम वायु में से देखने पर वस्तु की आभासी स्थिति परिवर्तित होती रहती है। यह अस्थिरता वायमुंडलीय अपवर्तन का ही प्रभाव है। अग्रिम सूर्योदय-सूर्य जब क्षितिज से कुछ नीचे होता है तो उससे आने वाली प्रकाश की किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम (वायुमण्डल) में प्रवेश करती है तथा अपवर्तित होकर अभिलम्ब की ओर झुक जाती है। अत: पृथ्वी पर प्रेक्षक को सूर्य की आभासी स्थिति आकाश में दिखाई देती है। इस प्रकार वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण सूर्य वास्तविक सूर्योदय से 2 मिनट पूर्व दिखाई देने लगता है। इसे अग्रिम सूर्योदय कहते हैं।
(ii) निकट दृष्टि दोष युक्त नेत्र का किरण चित्र
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