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Class 10
PHYSICS
क्रांतिक कोण को परिभाषित कीजिए। पूर्ण आं...

क्रांतिक कोण को परिभाषित कीजिए। पूर्ण आंतरिक परावर्तन। किसे कहते हैं? पूर्ण आंतरिक परावर्तन की आवश्यक शर्तो लिखिए। पूर्ण आंतरिक परावर्तन के कोई दो उपयोग लिखिए।

लिखित उत्तर

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क्रांतिक कोण- जब प्रकाश सघन से विरल माध्यम में जाता है, तो सघन माध्यम में आपतन कोण का वह विशिष्ट मान जिसके लिये विरल माध्यम में संगत अपवर्तन कोण `90^@` होता है, क्रांतिक कोण कहलाता है। इस स्थिति में अपवर्तित प्रकाश किरण दोनों माध्यमों के पृथक्कारी पृष्ठ के समान्तर चली जाती है।
पूर्ण आंतरिक परावर्तन- जब प्रकाश किरण सघन माध्यम में क्रांतिक कोण से अधिक मान के आपतन कोण पर संचरित होती हुई विरल माध्यम के पृथक्कारी पृष्ठ पर पहुंचती है, तो बिना विरल माध्यम में प्रविष्ट हुये उसी सघन माध्यम में वापस परावर्तित हो जाती है। यही घटना पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहलाती है।
पूर्ण आंतरिक परावर्तन की आवश्यक शर्ते-
(1)प्रकाश पारदर्शी सघन माध्यम से विरल माध्यम की ओर संचरित होना चाहिये।
(2)दोनों माध्यमों में पृथक्कारी पृष्ठ पर सघन माध्यम में से पहुंचने वाली प्रकाश किरणों के लिये आपतन कोण क्रांतिक कोण से बड़ा होना चाहिए।
पूर्ण आंतरिक परावर्तन के उपयोग-
(1) पूर्ण परावर्ती प्रिज्मों में।
(2)प्रकाशीय तन्तु की सहायता से .एण्डोस्कोपी. नामक रोग के परीक्षण में।
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