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Class 10
BIOLOGY
संकर पूर्वज संकरण किसे कहते है ? यह कितन...

संकर पूर्वज संकरण किसे कहते है ? यह कितने प्रकार का होता है ?

लिखित उत्तर

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(i) `F_(1)` पीढ़ी का संकरण दोनों जनकों में से किसी भी एक के साथ कराया जाता है, तो इसे संकर पूर्वज संकरण कहते हैं।
यह दो प्रकार का होता है-
1. बाह्य संकरण-इस प्रकार के संकरण में `F_(1)` पीढ़ी के पादप (Tt) का संकरण अपने प्रभावी जनक (TT) से करवाया जाता है। इस संकरण से प्राप्त संतति में सभी पौधे लम्बे प्राप्त होते हैं जिनमें 50% समयुग्मजी लम्बे (TT) तथा 50% विषयुग्मजी लम्बे (Tt) पौधे प्राप्त होते हैं।

लक्षण प्रारुप अनुपात- 100% पौधे लम्बे
जीन प्रारुप अनुपात- 1 : 1
50% TT : 50% Tt
(समयुग्मजी) : (विषमयुग्मजी)
2. परीक्षण संकरण-वह संकरण जिसमें F. पीढ़ी का संकरण अप्रभावी लक्षण प्ररूप वाले जनक के साथ किया जाता है, परीक्षण संकरण कहलाता है।
परन्तु यदि एक संकर संतान का शुद्ध अप्रभावी जनक से संकरण होता है तो प्राप्त संतानों में प्रभावी और अप्रभावी दोनों लक्षण प्रारुप 1: 1 के अनुपात में होते हैं। इस संकरण को परीक्षण संकरण (Test cross) कहते हैं। इस संकरण को परीक्षण संकरण इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसके द्वारा संकर संतान की विषमयुग्मजता (Hetrozygosity) स्थापित हो जाती है या इससे प्रभावी लक्षण प्ररुप के विषय में ज्ञात होता है कि वह समयुग्मजी है या विषमयुग्मजी।

लक्षण प्रारुप अनुपात- 50% लम्बे : 50% बौने
जीन प्रारुप अनुपात- 50% विषमयुग्मजी : 50% समयुग्मजी
लम्बे (Tt) बौने (tt)
(ii) मेण्डल के वंशागति के नियमों का महत्व (Importance of Mendel.s Law of Inheritance)
1. मेण्डल के वंशागति नियमों से, मानवों में लक्षणों की वंशागति के नियम इस बात पर आधारित है कि माता-पिता दोनों ही समान मात्रा में आनुवंशिक पदार्थ को संतति (शिशु) में स्थानान्तरित करते हैं।
2. माता-पिता के वे वंशानुगत लक्षण जो संतान में दिखाई देते हैं प्रभावी लक्षण कहलाते है तथा माता-पिता से आये वे वंशानुगत लक्षण जो संतान में छिपे होते हैं, अप्रभावी लक्षण कहलाते हैं।
3. मेण्डल के पृथक्करण के नियम की प्रस्तुति से जीन संकल्पना (Gene-concept) की पुष्टि होती है।
4. पृथक्करण के नियमानुसार एक जीन के दो युग्मविकल्पी होते हैं । तथा ये दो विपर्यासी लक्षणों को नियंत्रित करते हैं।
5. संकरण विधि से अनुपयोगी लक्षणों को हटाया जा सकता है तथा उपयोगी लक्षणों को एक साथ एक ही जाति में लाया जा सकता है |
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