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Class 10
BIOLOGY
(मूत्र निर्माण की गुच्छीय निस्पंदन क्रिय...

(मूत्र निर्माण की गुच्छीय निस्पंदन क्रियाविधि को समझाइये।

लिखित उत्तर

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(अ)पार्श्व परावर्तन-जब किसी समतल दर्पण में किसी बिम्ब का प्रतिबिम्ब देखा जाता है तो बिम्ब का बायां भाग प्रतिबिम्ब का दायां भाग एवं . बिम्ब का दायां भाग प्रतिबिम्ब का बायां भाग बन जाता है। अर्थात् बिम्ब व प्रतिबिम्ब के पार्श्व आपस में उलट जाते हैं। समतल दर्पण में दिखाई देने वाले इस परावर्तन को पार्श्व परावर्तन कहते हैं।
(ब)अपवर्तन के नियम-
प्रथम नियम-अपवर्तन के दौरान आपतित किरण, अपवर्तित किरण एवं अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं।
द्वितीय नियम-किन्हीं दो नियत माध्यमों के लिए अपवर्तन में आपतन कोण की ज्या (sini) एवं अपवर्तन कोण की ज्या (sinr) का अनुपात .. स्थिर रहता है।
`(sin i)/(sin r)` नियतांक
यह नियम स्नेल का नियम कहलाता है। इस नियतांक को माध्यम 2 का माध्यम 1 के सापेक्ष अपवर्तनांक `mu_(21)` कहते हैं।
`:. mu_(21)=(sin i)/(sinr)`
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