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Class 12
PHYSICS
दर्पण समीकरण प्रयोग करते हुए ये परिणाम न...

दर्पण समीकरण प्रयोग करते हुए ये परिणाम निकाले :
`(a)` एक अवतल दर्पण के `f` और `2f` के बीच पड़ी वस्तु `2f` से दूर वास्तविक प्रतिबिम्ब उत्पन्न करती है।
`(b)` एक उत्तल दर्पण सदा आभासी प्रतिबिम्ब उत्पन्न करता है , वस्तु चाहे कही पर भी हो।
`(c )` एक उत्तल दर्पण द्वारा उत्पन्न (आभासी ) प्रतिबिम्ब, सदा आकर में छोटा होता है और फोकस तथा ध्रुव के बीच होता है।
`(d)` एक अवतल दर्पण के ध्रुव और फोकस के बीच रखी वस्तु, आभासी और बड़ा प्रतिबिम्ब उत्पन्न करती है।

लिखित उत्तर

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`(a)` क्योकि अवतल दर्पण के लिए `f lt 0` है , इसलिए मान ले की `f=-x` है। फिर क्योकि वस्तु `f` और `2f` के बीच रखी है , इसलिए मान ले की `u=-1.5x` है (`u` ऋणात्मक है क्योकि वस्तु वास्तविक है )
दर्पण समीकरण `(1)/(f)=(1)/(v)+(1)/(u)` से
`(1)/(v)=(1)/(f)-(1)/(u)=(1)/(-x)-(1)/(-1.5x)=-(1)/(3x)`
या `u=-3x`
क्योकि `v` ऋणात्मक है, इसलिए प्रतिबिम्ब वास्तविक है। फिर क्योकि `|v|=3x` , इसलिए प्रतिबिम्ब `2x` से दूर बनता है अर्थात `2f` से दूर। यह परिणाम `f` और `2f ` के बीच `u` के सभी मानो के लिए सत्य है (अर्थात `-x` और `-2x` के बीच `u` के लिए)
`(b)` क्योकि उत्तल दर्पण के लिए `f gt 0` है और एक वास्तविक वस्तु के लिए `u lt 0` है , इसलिए दर्पण समीकरण `(1)/(v)=(1)/(f)-(1)/(u)` से `(1)/(v) gt 0` (क्योकि `(1)/(f)` और `-(1)/(u)` दोनों धनात्मक है ) इसका अर्थ है की अवतल दर्पण में `u` के सभी मानो के लिए प्रतिबिम्ब आभासी है।
`(c)` क्योकि उत्तल दर्पण में `f gt 0` है और वास्तविक वस्तु के लिए `u gt 0` है , इसलिए दर्पण समीकरण `(1)/(v)=(1)/(f)-(1)/(u)` से `(1)/(v) gt (1)/(f)`
(क्योकि `-(1)/(u)` एक धनात्मक राशि है )
या ` u lt f`
इसका अर्थ यह है की प्रतिबिम्ब , दर्पण के ध्रुव और फोकस के बीच स्थित है। क्योकि `v` धनात्मक है (`(1)/(f)` और `-(1)/(u)` दोनों धनात्मक होने के कारण ),इसलिए प्रतिबिम्ब आभासी है क्योकि `(1)/(v) gt (1)/(u)` , इसलिए `v lt u ` या `(v)/(u) lt 1` है या `m lt 1` अर्थात प्रतिबिम्ब साइज में छोटा होता है।
`(d)` क्योकि अवतल दर्पण के लिए ` f lt 0`,है , इसलिए मान ले की `f=-x` है। फिर क्योकि वस्तु, अवतल दर्पण के ध्रुव और फोकस के बीच पड़ी है , इसलिए मान ले की `u=-0.75x` (`u`, ऋणात्मक है क्योकि वस्तु वास्तविक है ) दर्पण समीकरण `(1)/(f)=(1)/(v)+(1)/(u)` से
`(1)/(v)=(1)/(f)-(1)/(u)=(1)/(-x)-(1)/(-0.75x)=-(1)/(x)+(1)/(0.75x)`
या `v=3x` है। क्योकि `v`,धनात्मक , है इसलिए प्रतिबिम्ब आभासी है। फिर क्योकि `v=3x`, इसलिए `m=-((v)/(u))=-((3x)/(-0.75x))=4` अर्थात प्रतिबिम्ब बड़ा है।
यह परिणाम ध्रुव और फोकस के बीच `u` के सभी मानो के लिए सत्य है।
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