Home
Class 14
MATHS
एक दुकानदार के पास एक ही क्रय मूल्य की 1...

एक दुकानदार के पास एक ही क्रय मूल्य की 11 पुष्तक है वह पहली पुस्तक को एक निष्चित मूल्य पर बेचता है फिर उसके बाद वह दूसरी पुष्तक के विक्रय मूल्य से 1 कम के मूल्य पर बेचता है और फिर वह तीसरी पुष्तक को दूसरी पुष्तक के विक्रय मूल्य से 1 कम मूल्य पर बेचता है इसी क्रमशर वह 11 पुष्तकें बेचता है यदि वह छटवी पुष्तक बेचता है तो सभी 11 पुष्तकों के विक्रय मूल्य पर हुए लाभ अथवा हानि का प्रतिशत ज्ञात करे

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

एक मशीन का मूल्य 7500 रुo है। इसका मूल्य 5% वार्षिक दर से घट रहा है तब एक वर्ष बाद इसका मूल्य क्या होगा?

एक व्यक्ति पश्चिम दिशा की ओर मूँह करके खड़ा है | वह दक्षिणावर्त दिशा में 45^@ के कोण पर घूमता है फिर वह पुनः उसी दिशा में 180^@ के कोण पर घूमता है और फिर वह वामावर्त दिशा में 270^@ के कोण पर घूमता है | अब वह किस दिशा की ओर खड़ा है ?

The ratio of cost price and selling price of an article is c:d. If d is 150% of c then the percentage of profit on cost price is: एक वस्तु के क्रय मूल्य और विक्रय मूल्य में c: d का अनुपात है | यदि d, c का 150% है, तो क्रय मूल्य पर लाभ का प्रतिशत ज्ञात करें |

अंकित पूर्व दिशा की ओर चलना शुरू करता है | 30 मीटर चलने के बाद वह बाएं मुड़ जाता है और 40 मीटर चलता है फिर वह बाएं मुड़ जाता है और 30 मीटर दूर चलता है | अब वह पुनः बाएं मुड़ता है और 50 मीटर चलता है | तब वह अपनी प्रारम्भिक स्थिति से कितनी दूर है ?

एक संस्कृत व्यक्ति किसी नई चीज की खोज करता है, किन्तु उसकी सन्तान को वह अपने पूर्वज से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी सन्तान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भाँति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान क विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित ही रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नहीं कह सकते। वास्तविक संस्कृत व्यक्ति वह है जो

एक संस्कृत व्यक्ति किसी नई चीज की खोज करता है, किन्तु उसकी सन्तान को वह अपने पूर्वज से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी सन्तान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भाँति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान क विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित ही रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नहीं कह सकते। सभ्य व्यक्ति वह है जो

The selling price of a commodity after discount of 15% is equal to its selling price after discount of 25 % on the purchase price of another item. If the sum of the purchase prices of both the items is Rs. 640, find the selling price of each item. एक वस्तु के क्रय मूल्य पर 15% की छूट के बाद उसका विक्रय मूल्य, एक दूसरी वस्तु के क्रय मूल्य पर 25% की छूट दिए जाने के बाद उसके विक्रय मूल्य के बराबर है। यदि दोनों वस्तुओं के क्रय मूल्यों का योग रु.640 है, तो प्रत्येक वस्तु का विक्रय मूल्य ज्ञात कीजिए।