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CHEMISTRY
धुआँ है...

धुआँ है

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निर्देशः निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: आकाश का साफा बाँधकर सूरज की चिलम खींचता बैठा है पहाड़ घुटनों पर पड़ी है नदी चादर सी पास ही दहक रही है। पलाश के जंगल की अँगीठी अंधकार दूर पूर्व में सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा अचानक बोला मोर जैसे किसी ने आवाज दी - 'अजी सुनते हो।' चिलम औंधी धुआँ उठा सूरज डूबा अँधेरा छा गया। अचानक तुरत-फुरत घटनाएँ होने का कारण है-

निर्देशः निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: आकाश का साफा बाँधकर सूरज की चिलम खींचता बैठा है पहाड़ घुटनों पर पड़ी है नदी चादर सी पास ही दहक रही है। पलाश के जंगल की अँगीठी अंधकार दूर पूर्व में सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा अचानक बोला मोर जैसे किसी ने आवाज दी - 'अजी सुनते हो।' चिलम औंधी धुआँ उठा सूरज डूबा अँधेरा छा गया। पलाश वन को अँगीठी कहा गया है क्योंकि

निर्देशः निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: आकाश का साफा बाँधकर सूरज की चिलम खींचता बैठा है पहाड़ घुटनों पर पड़ी है नदी चादर सी पास ही दहक रही है। पलाश के जंगल की अँगीठी अंधकार दूर पूर्व में सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा अचानक बोला मोर जैसे किसी ने आवाज दी - 'अजी सुनते हो।' चिलम औंधी धुआँ उठा सूरज डूबा अँधेरा छा गया। अंधकार के सिमटकर बैठे होने का कारण है।

निर्देशः निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: आकाश का साफा बाँधकर सूरज की चिलम खींचता बैठा है पहाड़ घुटनों पर पड़ी है नदी चादर सी पास ही दहक रही है। पलाश के जंगल की अँगीठी अंधकार दूर पूर्व में सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा अचानक बोला मोर जैसे किसी ने आवाज दी - 'अजी सुनते हो।' चिलम औंधी धुआँ उठा सूरज डूबा अँधेरा छा गया। शाम का सजीव चित्रण करने के लिए किस रूपक को अनुपयुक्त माना जा सकता है ?

निर्देशः निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: आकाश का साफा बाँधकर सूरज की चिलम खींचता बैठा है पहाड़ घुटनों पर पड़ी है नदी चादर सी पास ही दहक रही है। पलाश के जंगल की अँगीठी अंधकार दूर पूर्व में सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा अचानक बोला मोर जैसे किसी ने आवाज दी - 'अजी सुनते हो।' चिलम औंधी धुआँ उठा सूरज डूबा अँधेरा छा गया। "सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा" - किस विकल्प में सभी शब्द 'गल्ला' के समानार्थी हैं ?

निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए: आकाश का साफा बाँधकर जानकार सूरज की चिलम खींचता बैठा है पहाड़ घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी पास ही दहक रही है। पलाश के जंगल की अँगीठी अंधकार दूर पूर्व में सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा अचानक बोला मोर जैसे किसी ने आवाज दी - 'अजी सुनते हो।' चिलम औंधी धुआँ उठा सूरज डूबा अँधेरा छा गया। कविता में दो समानार्थी शब्द हैं: 1. अंधकार 2. अँधेरा इन दोनों के बारे में कौन-सा कथन सत्य है?