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PHYSICS
L-C-R प्रत्यावर्ती धारा परिपथ क्या है ? ...

L-C-R प्रत्यावर्ती धारा परिपथ क्या है ? इसमें (i) पिरणामी विभान्तर (ii) प्रतिबाधा (iii) धारा ज्ञात करते है हुए श्रेणी अनुनादी परिपथ की आवृत्ति ज्ञात कीजिए।

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A man can row at 10 kmph in still water. If it takes a total of 5 hours for him to go to a place 24 km away and return, then the speed of the water current is:- एक आदमी शांत जल में 10 किमी/घंटे को चाल से चल सकता है। यदि वह 24 किमी दूर किसी स्थान पर जाने तथा आने में 5 घंटे का समय लेता है, तो पानी की धारा की चाल ज्ञात कीजिए।

हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके साथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते है। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल मात्र बाहर से नहीं, मन की गहराइयों में रचयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रुप स्वरुप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते है तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएंगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम् शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। अनुच्छेद के निम्नलिखित वाक्य को चार भागों में बाँटा गया है जिनमें से एक भाग में अशुद्धि है। उस भाग को पहचानिए "केवल मात्र बाहर से नहीं. (i) / मन की गहराईयों में (ii)/ स्वयं को सुंदर (iii) / बनाना होगा" (iv)

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चिह्नित कीजिए: हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं। लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके सथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते हैं। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है, तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात् सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल बाहर से नहीं, मन की गहराईयों में स्वयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रूप-स्वरूप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते हैं तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएँगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम्, शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। अनुच्छेद के निम्नलिखित वाक्य को चार भागों में बाँटा गया है जिनमें एक भाग में अशुद्धि है। उस भाग को पहचानिए: " ("केवल मात्र बाहर से नहीं")/((i))" "("मन की गहराइयों में")/((ii))" "("स्वयं को सुंदर")/((iii))" "("बनाना होगा।")/((iv)) "

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं। लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके साथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते हैं। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है, तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात् सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल बाहर से नहीं, मन की गहराईयों में स्वयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रूप-स्वरूप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते हैं तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएंगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम्, शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। अनुच्छेद के निम्नलिखित वाक्य को चार भागों में बाँटा गया है जिनमें एक भाग में अशुद्धि है। उस भाग को पहचानिए: (i) - "केवल मात्र बाहर से नहीं (ii)-मन की गहराइयों में (iii) स्वयं को सुंदर (iv) बनाना होगा।

Directions : A statement followed by four assumptions numbered I, II and III are given. An assumption is something supposed or taken for granted. You have to consider the statement and the following assumptions and decide which of the assumptions is implicit in the statement, then decide which of the answers (a), (b), (c) or (d) is correct. Statement : "The simplest and the most cost-effective way to upgrade your home-Exchange your old furniture and get 25% to 33% off on the new furniture". - An advertisement of a furniture company. Assumptions : I. Nowadays, there is no demand for furniture products unless some attractive scheme is offered. II. Some customers always desire to have best quality and do not bother either for cost or for convenience. III. Some customers want to keep their home up-to-date with reasonable cost and with less hassles./ निर्देश : नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में एक कथन दिया गया है, मान्यता I, II और III द्वारा इसका अनुसरण किया जाता है। कोई मान्यता है जिसे ऐसे ही मान लिया गया है। आपको कथन और दी गयी मान्यता पर विचार करना है और निर्धारित करना है कि कौन-सी (a), (b), (c) या (d) मान्यता कथन में निहित है : कथन : “अपने घर को अपग्रेड करने का सबसे सस्ता और सबसे अधिक लागत प्रभावी तरीका-अपने पुराने फर्नीचर को नए फर्नीचर से 25% से 33% की छूट के साथ एक्सचेंज कीजिए"-फर्नीचर कम्पनी का एक विज्ञापन। मान्यताएँ- I. आजकल फर्नीचर उत्पादों की कोई मांग नहीं है, जब तक कि कुछ आकर्षक स्कीम नहीं दी जाती है। II. कुछ ग्राहको को हमेशा अच्छी गुणवत्ता की इच्छा होती है और लागत या सुविधा के लिए परेशान नहीं होते हैं। III. कुछ ग्राहक अपने घर को उचित मूल्य के साथ और कम परेशानी के साथ अपडेट रखना चाहते हैं।

Directions : A statement followed by four assumptions numbered I, II and III are given. An assumption is something supposed or taken for granted. You have to consider the statement and the following assumptions and decide which of the assumptions is implicit in the statement, then decide which of the answers (a), (b), (c) or (d) is correct. Statement : "Why are only high profile people considered to be adventurous? The villagers in India, who have no buses, walk barefoot for miles on dusty, untarred roads isn't that more adventurous than rafting or gliding?" - View of a person. Assumptions : I. It is a Herculean task to walk barefoot for miles on dusty untarred roads. II. Rafting and gliding are considered adventurous by the people. III. Walking barefoot for miles on dusty untarred road sis not considered adventurous by the people./ निर्देश : नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न में एक कथन दिया गया है, मान्यता I, II और III द्वारा इसका अनुसरण किया जाता है। कोई मान्यता है जिसे ऐसे ही मान लिया गया है। आपको कथन और दी गयी मान्यता पर विचार करना है और निर्धारित करना है कि कौन-सी (a), (b), (c) या (d) मान्यता कथन में निहित है : कथन : "केवल उच्च प्रोफाइल वाले लोगों को साहसी क्यों माना जाता है? भारत में ग्रामीणों, जिन्हें बसें प्राप्त नहीं है, धूल भरे, सड़कों पर मीलों तक पैदल चलते हैं क्या यह राफ्टिंग या ग्लाइडिंग की तुलना में अधिक साहसी नहीं है?" - एक व्यक्ति का दृष्टिकोण। मान्यताएँ- I. धूल भरी सड़कों पर मीलो तक नंगे पैर चलने का काम बहुत कठिन काम है। II. राफ्टिंग और ग्लाइडिंग करना लोगों द्वारा साहसिक माना जाता है। III. धूल भरे बिना सड़कों पर मीलों तक पैदल चलना लोगों द्वारा साहसिक नहीं माना जाता है।