Home
Class 9
PHYSICS
किसी वस्तु को किसी मीनार कि चोटी से गिरा...

किसी वस्तु को किसी मीनार कि चोटी से गिराया गया-
(क) 4.9 m दुरी तक गिरने में उसे कितना समय लगेगा ?
(ख) उस समय उसकी चाल क्या थी?
(ग) 40 m दुरी तक गिरने के बाद उसकी चाल क्या थी
(घ) गिरने के 1 सेकंड और 2 सेकंड बाद वस्तु का त्वरण कितना था? `(g=9.8m//s^(2))`

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 18 चौड़ी सड़क गली पतली थी दिन का समय घनी बदली थी रामदास उस दिन उदास था अन्त समय आ गया पास था उसे बता यह दिया गया था उसकी हत्या होगी। धीरे-धीरे चला अकेले सोचा साथ किसी को ले ले फिर रह गया, सड़क पर सब थे सभी मौन थे सभी निहत्ये सभी जानते थे यह उस दिन उसकी हत्या होगी। खड़ा हुआ वह बीच सड़क पर दोनों हाथ पेट पर रख कर सधे कदम रख करके आए लोग सिमट कर आँख गड़ाए लगे देखने उसको जिसकी तय था हत्या होगी। निकल गली से तब हत्यारा आया उसने नाम पुकारा हाथ तौलकर चाकू मारा छूटा लोहू का फव्वारा कहा नहीं था उसने आखिर उसकी हत्या होगी। सड़क पर हत्या होने में क्या व्यंग्य है?

The platform of a station 400 m long starts exactly where the last span of a bridge 1.2 km long ends. How long will a train 200 m long and travelling at the speed of 72 km/h take to cover the distance between the starting point of the span of the bridge and the far end of the platform? किसी स्टेशन का 400 मीटर लंबा प्लेटफ़ॉर्म ठीक वहीं से शुरू होता है जहाँ 1.2 किमी लंबे पुल का अंतिम पाट समाप्त होता है | 72 किमी/घंटा की चाल से चल रही 200 मीटर लंबी एक ट्रेन को पुल के पाट के आरंभिक बिंदु तथा प्लेटफ़ॉर्म के अंतिम बिंदु तक जाने में कितना समय लगेगा ?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनी ही जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है। और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा-पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे-छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानों के बिल्कुल पास खड़े होते थे, और तब उनका स्पर्श दूसरों को अगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी। और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे.. सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। लेखिका के अनुसार अपनी बात कहने के सदंर्भ में सबसे महत्वपूर्ण क्या है?

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो, उससे कही महत्त्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनों को जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी की कहे को सुनने के लिए उसे महसूस करने के लिए. पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा- 'पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानो के बिलकुल पास खड़े हों, और तब उनका स्पर्श दूसरों को आगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे ...... सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। लेखिका के अनुसार अपनी बात कहने के संदर्भ में सबसे महत्त्वपूर्ण क्या है?

चेन्नई में आई बाढ़ अब उतार पर है। इस त्रासदी से निबटने में इस शहर ने जिस साहस का परिचय दिया, जिस तरह से सोशल मीडिया ने एक बार फिर बचाव के काम में अहम किरदार निभाया, बल्कि कुछ मामलों में तो जान बचाने में भी उसकी भूमिका रही, इसे देखते हुए उसकी जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। इन तमाम अच्छी बातों के बावजूद इस वास्तविकता को भी नहीं झूठलाया जा सकता कि इस त्रासदी से बचा जा सकता था। चेन्नई में आई बाढ़ की असली वजह थी अडयार नदी-बेसिन का नए हवाई अड्डे के लिए अतिक्रमण। ठीक उसी तरह, जैसे दूसरे नदी विस्तारों का आवासीय निर्माण के लिए इस्तेमाल कर लिया गया है। नदी के कुदरती रास्तों को अवरूद्ध किए जाने से इसका जल आसपास के इलाकों में उमड़ गया। जब तक प्रकृति अपना क्रोध नहीं दिखाती, हमारे योजनाकार हर जोखिम को नजरअंदाज़ करते रहते हैं और उस चीज की तलाश में रहते हैं, जिसे वे ले सकते हैं। हमने इसी तरह का विध्वंसक सैलाब मुंबई में भी देखा। कुछ समय पहले श्रीनगर में भी ऐसी ही बर्बादी देखी। हर जगह मुख्य वजह मिली। अनियोजित शहरीकरण और बुनियादी नियमों की अनदेखीं। फिर भी हर बार त्रासदी की गंभीरता लोगों की यादों में धुंधली पड़ जाती है। चेनई की तरह दिल्ली में भी ऐसे सैलाब की संभावना है। इसलिए हमें यमुना नदी के बेसिन से छेड़छाड़ करने की 'बुद्धिमानी' से बचना होगा। हमारे योजनाकार तब तक लापरवाह रहते हैं, जब तक

चेन्नई में आई बाढ़ अब उतार पर है। इस त्रासदी से निबटने में इस शहर ने जिस साहस का परिचय दिया, जिस तरह से सोशल मीडिया ने एक बार फिर बचाव के काम में अहम् किरदार निभाया, बल्कि कुछ मामलों में तो जान बचाने में भी उसकी भूमिका रही, इसे देखते हुए उसकी जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। इन तमाम अच्छी बातों के बावजूद इस वास्तविकता को भी नहीं झुठलाया जा सकता कि इस त्रसादी से बचा जा सकता था। चेन्नई में आई बाढ़ की असली वजह थी अडयार नदी-बेसिन का नए हवाई अड्डे के लिए अतिक्रमण। ठीक उसी तरह, जैसे दूसरे नदी विस्तारों का आवासीय निर्माण के लिए प्रयोग कर लिया गया है। नदी के कुदरती रास्तों को अवरुद्ध किए जाने से इसका जल आस-पास के इलाकों में उमड़ गया। जब तक प्रकृति अपना क्रोध नहीं दिखाती, हमारे योजनाकार हर जोखिम को नजरअन्दाज करते रहते हैं और उस चीज की तलाश में रहते हैं, जिसे वे ले सकते हैं। हमने इसी तरह का विध्वंसक सैलाब मुम्बई में भी देखा। कुछ ही समय पहले श्रीनगर में भी ऐसी ही बरबादी देखी। हर जगह मुख्य वजह मिली-अनियोजित शहरीकरण और बुनियादी नियमों की अनदेखी। फिर भी हर बार त्रासदी की गम्भीरता लोगों की यादों में धुंधली पड़ जाती है। चेन्नई की तरह दिल्ली में भी ऐसे सैलाब की सम्भावना है। इसलिए हमें यमुना नदी के बेसिन से छेड़छाड़ करने की 'बुद्धिमानी' से बचना होगा। हमारे योजनाकार तब तक लापरवाह रहते हैं, जब तक

कुछ लाख वर्ष पहले की बात है जब मनुष्य जंगली था, वनमानुष जैसा उसे नाख़ून की जरुरत थी उसकी जीवन रक्षा के लिए नाख़ून बहुत ज़रूरी थे असल में वही उसके अस्त्र थे दाँत भी थे पर नाख़ून के बाद ही उनका स्थान था उन दिनों उसे झूझना पड़ता था प्रतिद्वन्दियो को पछाड़ना पड़ता था नाख़ून उसके लिए आवश्यक अंग था फिर वह अपने अंग से बाहर की वस्तुओ का सहारा लेने लग। पत्थर के ढेले और पेड़ की डाले काम में लाने लगा (रामचन्द्रजी की वानरी सेना के पास ऐसे ही अस्त्र थे) ! उसने हड्डियों के भी हथियार बनाये! इन हड्डी के हथियार में सबसे मजबूत और सब से ऐतिहासिक था इन्द्र देव का वज्र, जो ऋषि मुनि की हड्डियों से बना था मनुष्य और आगे बढ़ा उसने धातु के हथियार बनाये जिनके पास लोहे के अस्त्र और शस्त्र थे वे विजयी हुए। देवताओ के राजा तक को मनुष्ये के राजा से इसलिए सहायता लेनी पड़ती थी क्यूंकि मनुष्ये के राजा के पास लोहे के अस्त्र थे असुरो के पास अनेक विधाये थी पर लोहे के अस्त्र नहीं थे शायद घोड़े भी नहीं थे आर्यो के पास यह दोनों चीज़े थी आर्ये विजयी हुए फिर इतिहास अपनी गति से बढ़ता गया नाग हारे सुपर्ण हारे यक्ष हारे गन्धर्व हारे असुरे हारे राक्षस हारे लोहे के अस्त्रों ने बाज़ी मार ली इतिहास आगे बढ़ा। पलीते वाली बंदूकों ने, कारतूसों ने, तोपों ने , बमो ने , बम वर्षक वायुयानों ने इतिहास को किस कीचड़ भरे घाट तक घसीटा है यह सबको मालूम है नख धर मनुष्य अब भी बढ़ रहे है अब भी प्रकृति भी मनुष्यो को उसके भीतर वाले अस्त्र से वंचित नहीं कर रही है , अब भी याद दिला देती है के तुम्हारे नाख़ून को भुलाया नहीं जा सकता। तुम वही लाख वर्ष पहले के नख - दंतावलम्वी जीव हो-पशु के साथ ही सतह पर विचरने वाले और चरने वाले। प्राचीन काल में मनुष्य को नाख़ून की आवश्यकता क्यों थी

Recommended Questions
  1. किसी वस्तु को किसी मीनार कि चोटी से गिराया गया- (क) 4.9 m दुरी तक गि...

    Text Solution

    |

  2. इसकी शुरुआत उस प्यार की तरह हुई, जो कि बाद में ………………..बन गया थी।

    Text Solution

    |

  3. कोई इलेक्ट्रॉन E=2.0xx10^(4) न्यूटन/कुलॉम परिणाम के एकसमान विद्युत क...

    Text Solution

    |

  4. किसी त्रिभुज का अर्ध परिमाप क्या होगा यदि उसकी भुजाएँ 50 m, 20 m और 30...

    Text Solution

    |

  5. तत्क्षणिक वेग एवं चाल || त्वरण || एकसमान त्वरण से गतिमान वस्तु का शुद्...

    Text Solution

    |

  6. गति का आलेखीय निरूपण |चाल समय ग्राफ #!#वेग समय ग्राफ #!#एकसमान त्वरण #...

    Text Solution

    |

  7. चाल दूरी तथा समय में क्या सम्बन्ध है

    Text Solution

    |

  8. एक वस्तु पूर्व दिशा की ओर 30 मी/से के वेग से जा रही है। 10 सेकण्ड के ब...

    Text Solution

    |

  9. An article was sold at a profit of 22.5%. What is the ratio of the cos...

    Text Solution

    |