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PHYSICS
किसी खगोलीय दूरबीन में प्रतिबिंब बनने का...

किसी खगोलीय दूरबीन में प्रतिबिंब बनने का नामांकित किरण आरेख बनाकर समझाइए। इसकी आवर्धन क्षमता के लिए व्यंजक निकालिए।

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The given Bar Graph presents the number of students enrolled for vocational course institutes A and B during a period of 5 years. In which year the number of students enrolled in B is x% more, where 25 lt x lt 30 , then the number of students enrolled in A in the same year? दिया गया दंड आरेख (बार ग्राफ) 5 वर्ष की अवधि के दौरान संस्थान A और B में व्यावसायिक पाठ्यक्रम के लिए नामांकित विद्यार्थियों की संख्या को दर्शाता है| किस वर्ष में संस्थान B में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या उसी वर्ष संस्थान A में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या से x % अधिक है, जहां 25 lt x lt 30 है?

Recap |यंग का द्वि-स्लिट प्रयोग |चमकीली तथा काली फ्रिनज़ों के लिए शर्त |कोणीय फ्रिंज चौड़ाई |पतली फिल्म का प्रभाव |एकल झिरी के कारण विवर्तन (केन्द्रीय उच्चिष्ठ की चौड़ाई)|nth निम्निष्ठ के लिए |फ्रिंज चौड़ाई |तीव्रता वक्र |सूक्ष्मदर्शी और खगोलीय दूरदर्शी की विभेदन क्षमता |सूक्ष्मदर्शी की विभेदन क्षमता |सूक्ष्मदर्शी की विभेदन क्षमता बढ़ाने के उपाय |दूरदर्शी की विभेदन क्षमता

The given bar graph represents the number of students admitted in four schools (S1, S2, S3, S4) during two consecutive years 2017 and 2018. दिया गया दंड आरेख चार स्कूलों (S1, S2, S3, S4) में लगातार दो साल 2017 और 2018 के दौरान नामांकित छात्रों की संख्या को प्रदर्शित करता है। The total number of students admitted in school S3 for both years is approximately what percent of total students admitted in school S2 for both years? दोनों वर्षों के लिए स्कूल S3 में नामांकित छात्रों की कुल संख्या, दोनों वर्षों के लिए स्कूल S2 में नामांकित कुल छात्रों का कितना प्रतिशत है?

A shopkeeper bought an article for Rs100 and marked its price 25% above the cost price. How much discount percentage should he announce in order to make a profit of 15%? एक दुकानदार ने किसी वस्तु को 100 रुपये में क्रय किया और इसकी कीमत क्रय मूल्य से 25% अधिक रखी | 15% का लाभ कमाने के लिए उसे कितने प्रतिशत छूट की घोषणा करनी चाहिए ?

निर्देश: गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। "किसी को देखने के लिए आँख की नहीं, दृष्टि की आवश्यकता होती है" ... स्वामी विवेकानंद का यह कथन इस महिला के जीवन का दर्शन बन गया है। इसी जीवन दर्शन के सहारे उन्होंने एक ओर कठिनाइयों का सामना किया तो दूसरी ओर सफलता का मार्ग ढूँढ़ा और उस पर निर्भयता से बढ़ चली। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं मुंबई की रेवती रॉय की। रेवती रॉय वह महिला हैं जिन्होंने महिलाओं की कठिनाइयों को ध्यान में रख केवल उन्हीं की सुविधा के लिए 'फॉरशी' नामक से कैब-सेवा प्रारंभ की। उद्देश्य स्पष्ट था- कामकाजी और जरूरतमंद महिलाओं को अपने शहर में सुरक्षित सफर का भरोसा देना। यह सेवा उन महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई जिन्हें महानगरों में मुँह बाए बैठे अपराधी तत्त्वों या परपीड़ा में आनंद लेने वालों से प्रायः रोज ही जाना पड़ता है। खतरों और आशंकाओं से भी सड़क परिवहन की जिंदगी में कदम रखने का निर्णय लेना रेवती के लिए सरल नहीं था। लेकिन कभी-कभी विवशता भी प्रेरणा देती है। ऐसे ही अवसरों पर 'आँख नहीं, दृष्टि' वाला दर्शन प्रेरक होता है! गंभीर बीमारी से जूझ रहे पति के इलाज में सारी जमापूँजी चुक जाने के बाद रेवती को अपने अस्तित्व के लिए कुछ-न-कुछ करना था। सो उन्होंने एकदम नया रास्ता चुना - कैब के द्वारा महिलाओं को सुरक्षित यात्रा का आश्वासन। 'परपीड़ा' शब्द का गद्यांश में प्रयोग के अनुसार अर्थ है-

निर्देश: गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। "किसी को देखने के लिए आँख की नहीं, दृष्टि की आवश्यकता होती है" ... स्वामी विवेकानंद का यह कथन इस महिला के जीवन का दर्शन बन गया है। इसी जीवन दर्शन के सहारे उन्होंने एक ओर कठिनाइयों का सामना किया तो दूसरी ओर सफलता का मार्ग ढूँढ़ा और उस पर निर्भयता से बढ़ चली। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं मुंबई की रेवती रॉय की। रेवती रॉय वह महिला हैं जिन्होंने महिलाओं की कठिनाइयों को ध्यान में रख केवल उन्हीं की सुविधा के लिए 'फॉरशी' नामक से कैब-सेवा प्रारंभ की। उद्देश्य स्पष्ट था- कामकाजी और जरूरतमंद महिलाओं को अपने शहर में सुरक्षित सफर का भरोसा देना। यह सेवा उन महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई जिन्हें महानगरों में मुँह बाए बैठे अपराधी तत्त्वों या परपीड़ा में आनंद लेने वालों से प्रायः रोज ही जाना पड़ता है। खतरों और आशंकाओं से भी सड़क परिवहन की जिंदगी में कदम रखने का निर्णय लेना रेवती के लिए सरल नहीं था। लेकिन कभी-कभी विवशता भी प्रेरणा देती है। ऐसे ही अवसरों पर 'आँख नहीं, दृष्टि' वाला दर्शन प्रेरक होता है! गंभीर बीमारी से जूझ रहे पति के इलाज में सारी जमापूँजी चुक जाने के बाद रेवती को अपने अस्तित्व के लिए कुछ-न-कुछ करना था। सो उन्होंने एकदम नया रास्ता चुना - कैब के द्वारा महिलाओं को सुरक्षित यात्रा का आश्वासन। गद्यांश के प्रारंभ में उद्धत कथन किसके जीवन का दर्शन बना ?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। "किसी को देखने के लिए आँख की नहीं, दृष्टि की आवश्यकता होती है" - स्वामी विवेकानंद का यह कथन इस महिला के जीवन का दर्शन बन गया है। इसी जीवन दर्शन के सहारे उन्होंने एक ओर कठिनाइयों का सामना किया तो दूसरी ओर सफलता का मार्ग ढूँढा और उस पर निर्भयता से बढ़ चली। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं मुबई की रेवती रॉय की। रेवती रॉय वह महिला हैं जिन्होंने महिलाओं की कठिनाइयों को ध्यान में रख केवल उन्हीं की सुविधा के लिए 'फॉरशी' नामक से कैब-सेवा प्रारंभ की। उद्देश्य स्पष्ट था- कामकाजी और जरूरतमंद महिलाओं को अपने शहर में सुरक्षित सफर का भरोसा देना। यह सेवा उन महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई जिन्हें महानगरों में मुँह बाए बैठे अपराधी तत्त्वों या परपीड़ा में आनंद लेने वालों से प्रायः रोज ही जुझना पड़ता है। खतरों और आशंकाओं से भी सड़क-परिवहन की जिंदगी में कदम रखने का निर्णय लेना रेवती के लिए सरल नहीं था। लेकिन कभी-कभी विवशता भी प्रेरणा देती है। ऐसे ही अवसरों पर 'आँख नहीं, दृष्टि' वाला दर्शन प्रेरक होता है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे पति के इलाज में सारी जमापूँजी चुक जाने के बाद रेवती को अपने अस्तित्व के लिए कुछ-न-कुछ करना था। सो उन्होंने एकदम नया रास्ता चुना-कैब के द्वारा महिलाओं को सुरक्षित यात्रा का आश्वासन। 'परपीड़ा' शब्द का गद्यांश में प्रयोग के अनुसार अर्थ है