Home
Class 12
PHYSICS
एक 16 किग्रा द्रव्यमान तथा 1 मी व्यास वा...

एक 16 किग्रा द्रव्यमान तथा 1 मी व्यास वाली ठोस डिस्क वेग 8 सेकण्ड में शून्य से 120 चक्र प्रति मिनट (rpm) करने से बल आघूर्ण कितना हो जाएगा ।

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

A train takes 1 minute to cross a stationary pole. How long (in seconds) will the train take to cross a bridge whose length is twice the length of the train? एक रेलगाड़ी किसी स्थिर खंभ को पार करने में 1 मिनट का समय लेती है | किसी पुल, जिसकी लंबाई रेलगाड़ी की लंबाई से दोगुनी है, को पार करने में रेलगाड़ी को कितना समय लगेगा (सेकंड में)?

छात्र की सहायता करना अत्यावश्यक है कि उसका मन वैज्ञानिक, स्पष्ट, निश्चित और सूक्ष्मता से सोचने वाला तथा उसके साथ ही साथ मन की गहराईयों को अनावृत करने वाला हो। क्या छात्र को इस प्रकार शिक्षित करना संभव है कि वह सभी लेबिलों के परे जो कर सके तथा उस वस्त का पता लगा सके, उसका अनुभव कर सके, जिसको मन नहीं माप सकता, जो किसी पुस्तक में नहीं लिखा है। यदि इस प्रकार के एक विद्यालय में ऐसी शिक्षा संभव हो सके, तो वह अनूठी होगी। आप सभी को यह देखना चाहिए कि इस प्रकार के विद्यालय का निर्माण कितना मूल्यवान होगा। केवल नृत्य, संगीत, गणित और दूसरे पाठों पर ध्यान देना समस्त जीवन नहीं है। शांत बैठना तथा अपने को देखना, सूक्ष्म दृष्टि प्राप्त करना, अवलोकन करना भी जीवन का अंग है। विचार कैसे किया जाए. किस पर विचार किया जाए, तथा आप विचार क्यों कर रहे हैं, इसको देखना भी आवश्यक है। लेखक ने अनूठी शिक्षा में ____ बल दिया है।

छात्र की सहायता करना अत्यावश्यक है कि उसका मन वैज्ञानिक, स्पष्ट, निश्चित और सूक्ष्मता से सोचने वाला तथा उसके साथ ही साथ मन की गहराईयों को अनावृत करने वाला हो। क्या छात्र को इस प्रकार शिक्षित करना संभव है कि वह सभी लेबिलों के परे जो कर सके तथा उस वस्त का पता लगा सके, उसका अनुभव कर सके, जिसको मन नहीं माप सकता, जो किसी पुस्तक में नहीं लिखा है। यदि इस प्रकार के एक विद्यालय में ऐसी शिक्षा संभव हो सके, तो वह अनूठी होगी। आप सभी को यह देखना चाहिए कि इस प्रकार के विद्यालय का निर्माण कितना मूल्यवान होगा। केवल नृत्य, संगीत, गणित और दूसरे पाठों पर ध्यान देना समस्त जीवन नहीं है। शांत बैठना तथा अपने को देखना, सूक्ष्म दृष्टि प्राप्त करना, अवलोकन करना भी जीवन का अंग है। विचार कैसे किया जाए. किस पर विचार किया जाए, तथा आप विचार क्यों कर रहे हैं, इसको देखना भी आवश्यक है। लेखक की दृष्टि में सर्वाधिक महत्वपूर्ण क्या है?

छात्र की सहायता करना अत्यावश्यक है कि उसका मन वैज्ञानिक, स्पष्ट, निश्चित और सूक्ष्मता से सोचने वाला तथा उसके साथ ही साथ मन की गहराईयों को अनावृत करने वाला हो। क्या छात्र को इस प्रकार शिक्षित करना संभव है कि वह सभी लेबिलों के परे जो कर सके तथा उस वस्त का पता लगा सके, उसका अनुभव कर सके, जिसको मन नहीं माप सकता, जो किसी पुस्तक में नहीं लिखा है। यदि इस प्रकार के एक विद्यालय में ऐसी शिक्षा संभव हो सके, तो वह अनूठी होगी। आप सभी को यह देखना चाहिए कि इस प्रकार के विद्यालय का निर्माण कितना मूल्यवान होगा। केवल नृत्य, संगीत, गणित और दूसरे पाठों पर ध्यान देना समस्त जीवन नहीं है। शांत बैठना तथा अपने को देखना, सूक्ष्म दृष्टि प्राप्त करना, अवलोकन करना भी जीवन का अंग है। विचार कैसे किया जाए. किस पर विचार किया जाए, तथा आप विचार क्यों कर रहे हैं, इसको देखना भी आवश्यक है। जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अंग है

छात्र की सहायता करना अत्यावश्यक है कि उसका मन वैज्ञानिक, स्पष्ट, निश्चित और सूक्ष्मता से सोचने वाला तथा उसके साथ ही साथ मन की गहराईयों को अनावृत करने वाला हो। क्या छात्र को इस प्रकार शिक्षित करना संभव है कि वह सभी लेबिलों के परे जो कर सके तथा उस वस्त का पता लगा सके, उसका अनुभव कर सके, जिसको मन नहीं माप सकता, जो किसी पुस्तक में नहीं लिखा है। यदि इस प्रकार के एक विद्यालय में ऐसी शिक्षा संभव हो सके, तो वह अनूठी होगी। आप सभी को यह देखना चाहिए कि इस प्रकार के विद्यालय का निर्माण कितना मूल्यवान होगा। केवल नृत्य, संगीत, गणित और दूसरे पाठों पर ध्यान देना समस्त जीवन नहीं है। शांत बैठना तथा अपने को देखना, सूक्ष्म दृष्टि प्राप्त करना, अवलोकन करना भी जीवन का अंग है। विचार कैसे किया जाए. किस पर विचार किया जाए, तथा आप विचार क्यों कर रहे हैं, इसको देखना भी आवश्यक है। 'विद्यालय' का संधि-विच्छेद है

छात्र की सहायता करना अत्यावश्यक है कि उसका मन वैज्ञानिक, स्पष्ट, निश्चित और सूक्ष्मता से सोचने वाला तथा उसके साथ ही साथ मन की गहराईयों को अनावृत करने वाला हो। क्या छात्र को इस प्रकार शिक्षित करना संभव है कि वह सभी लेबिलों के परे जो कर सके तथा उस वस्त का पता लगा सके, उसका अनुभव कर सके, जिसको मन नहीं माप सकता, जो किसी पुस्तक में नहीं लिखा है। यदि इस प्रकार के एक विद्यालय में ऐसी शिक्षा संभव हो सके, तो वह अनूठी होगी। आप सभी को यह देखना चाहिए कि इस प्रकार के विद्यालय का निर्माण कितना मूल्यवान होगा। केवल नृत्य, संगीत, गणित और दूसरे पाठों पर ध्यान देना समस्त जीवन नहीं है। शांत बैठना तथा अपने को देखना, सूक्ष्म दृष्टि प्राप्त करना, अवलोकन करना भी जीवन का अंग है। विचार कैसे किया जाए. किस पर विचार किया जाए, तथा आप विचार क्यों कर रहे हैं, इसको देखना भी आवश्यक है। 'सूक्ष्म' का विलोम

छात्र की सहायता करना अत्यावश्यक है कि उसका मन वैज्ञानिक, स्पष्ट, निश्चित और सूक्ष्मता से सोचने वाला तथा उसके साथ ही साथ मन की गहराईयों को अनावृत करने वाला हो। क्या छात्र को इस प्रकार शिक्षित करना संभव है कि वह सभी लेबिलों के परे जो कर सके तथा उस वस्त का पता लगा सके, उसका अनुभव कर सके, जिसको मन नहीं माप सकता, जो किसी पुस्तक में नहीं लिखा है। यदि इस प्रकार के एक विद्यालय में ऐसी शिक्षा संभव हो सके, तो वह अनूठी होगी। आप सभी को यह देखना चाहिए कि इस प्रकार के विद्यालय का निर्माण कितना मूल्यवान होगा। केवल नृत्य, संगीत, गणित और दूसरे पाठों पर ध्यान देना समस्त जीवन नहीं है। शांत बैठना तथा अपने को देखना, सूक्ष्म दृष्टि प्राप्त करना, अवलोकन करना भी जीवन का अंग है। विचार कैसे किया जाए. किस पर विचार किया जाए, तथा आप विचार क्यों कर रहे हैं, इसको देखना भी आवश्यक है। कौन सा शब्द पुस्तक का पर्याय है?

A field roller, in the shape of a cylinder, has a diameter of 1 m and length of a 1 1/4 m. If the speed at which the roller rolls is 14 revolutions per minute, then the maximum area (in m^2 ) that it can rollin 1 hour is : (take pi=22/7 ) एक बेलनाकार फील्ड रोलर का व्यास 1 मीटर लंबाई और लंबाई 1 1/4 मीटर है। रोलर यदि एक नियमित गति से प्रति मिनट 14 चक्कर लगाता है, तो उसी गति से एक घंटे में यह रोलर अधि कतम कितना क्षेत्रफल (मीटर वर्ग में) समतल करेगा? ( pi=22/7 लीजिए)

A cone of radius 90 cm and A height 120 cm stands on its base. It is cut into 3 parts by 2 cuts parallel to its base such that the height of the three parts (from top to bottom) are in ratio of 1:2:3. What is the total surface area (in cm^2 ) of the middle part? एक 90 से.मी. त्रिज्या तथा ऊँचाई 120 से.मी. ऊँचाई वाला शंकु अपने आधार पर खड़ा हे। इसे आधार समांतर 2 कटाव से 3 भागों में इस प्रकार काटा जाता है कि तीनो भागों की ऊँचाई (ऊपर से नीचे को ओर) का अनुपात 1:2:3 हैं । मध्य भाग का कूल पृष्ठिय क्षेत्रफल ( सेमी ^2 में) क्या हैं?

Recommended Questions
  1. एक 16 किग्रा द्रव्यमान तथा 1 मी व्यास वाली ठोस डिस्क वेग 8 सेकण्ड में ...

    Text Solution

    |

  2. 22 मी. xx 20 मी. आयताकार छत से एक बेलनाकार पात्र जिसका व्यास 2 मी. तथा...

    Text Solution

    |

  3. एक इलेक्ट्रॉन (द्रव्यमान किग्रा) व एक प्रोटॉन (द्रव्यमान किग्रा) के बी...

    Text Solution

    |

  4. स्टील की 2 मिमी त्रिज्या की एक गोली ग्लिसरीन में गिर रही है | इस गोली...

    Text Solution

    |

  5. यदि शंकु की त्रिज्या 5 से. मी. हो, तो उसका व्यास होगा

    Text Solution

    |

  6. एक धातु के बेलन को, जिसका व्यास 8 से.मी. और ऊँचाई 90 से. मी. है, गलाकर...

    Text Solution

    |

  7. एक ठोस का एक आकार से दुसरे आकार में रूपांतरण|उदाहरण

    Text Solution

    |

  8. धारावाही चालक पर बल तथा बल आघूर्ण

    Text Solution

    |

  9. अच्छी प्रकार से फेटी हुई 52 ताशों की एक गड्डी में से 1 बादशाह प्राप्त ...

    Text Solution

    |