त्रिज्या R के वृताकार मार्ग में एकसमान कोणीय वेग `omega` से गति कर रहे कण की स्थिति सदिश किसी क्षण t पर निम्नलिखित समीकरण द्वारा दिया जाता है :
`vecr=R cos omega t hati+R sin omega t hatj`
कण का किसी क्षण t पर वेग तथा त्वरण ज्ञात कीजिए ।
त्रिज्या R के वृताकार मार्ग में एकसमान कोणीय वेग `omega` से गति कर रहे कण की स्थिति सदिश किसी क्षण t पर निम्नलिखित समीकरण द्वारा दिया जाता है :
`vecr=R cos omega t hati+R sin omega t hatj`
कण का किसी क्षण t पर वेग तथा त्वरण ज्ञात कीजिए ।
`vecr=R cos omega t hati+R sin omega t hatj`
कण का किसी क्षण t पर वेग तथा त्वरण ज्ञात कीजिए ।
Similar Questions
Explore conceptually related problems
P, Q, R, S, T, V and W are seven members in a family, out of which there are three females and four males. There are two managers, two lawyers, one teacher, one engineer and one doctor. No lady is either teacher or engin eer. R is a lawyer and is married to P, who is a teacher. V the engineer, is married to S, who is neither lawyer nor doctor. No two ladies have the same profession. Q is the sister of W, who is a manager. P, Q, R, S, T, V और W एक परिवार के सात सदस्य है जिसमें से तीन महिलाएँ एवं चार पुरुष हैं। परिवार में दो प्रबंधक, दो वकील, एक शिक्षक, एक इंजीनियर एवं एक डॉक्टर है। कोई भी महिला शिक्षक या इंजीनियर नहीं है। R एक वकील है और उसकी शादी P से हुई है जो एक शिक्षक है। इंजीनियर V की शादी S से हुई है जो न तो वकील न ही डॉक्टर है। किसी भी दो महिला का व्यवसाय समान नहीं है। Q, बहन है W की Who among them has the same profession as that of W? इनमें से कौन है जिसका व्यवसाय W के समान है?
निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, मृगतृष्णा का है। बाजार की मृगतृष्णा शिक्षार्थी को लोभ-लालच देकर अपनी तरफ दौडाते रहने को विवश करने को उतारू खड़ी है। बाजार के इन ललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने हैं। दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है और हमारे आत्मतत्त्व को प्रबल करता हुआ विमल विवेक दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है, मगर अपनी ओर आकर्षित करने वाले बाजार का मार्ग प्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखों-करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भंवरजाल में फंस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह फंसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में हैं बल्कि महसूस यह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरूरत विचार करने की है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं। लेखक ने शिक्षा के संदर्भ में किस बात को महत्त्व दिया है ?
निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, मृगतृष्णा का है। बाजार की मृगतृष्णा शिक्षार्थी को लोभ-लालच देकर अपनी तरफ दौडाते रहने को विवश करने को उतारू खड़ी है। बाजार के इन ललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने हैं। दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है और हमारे आत्मतत्त्व को प्रबल करता हुआ विमल विवेक दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है, मगर अपनी ओर आकर्षित करने वाले बाजार का मार्ग प्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखों-करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भंवरजाल में फंस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह फंसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में हैं बल्कि महसूस यह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरूरत विचार करने की है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं। निम्न में से कौन-सी विशेषता बाजार की नहीं है ?
गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, दूसरा मृगतृष्णा का है। बाजार की मृगतृष्णा शिक्षार्थी को लोभ-लालच देकर अपनी तरफ दौड़ाते रहने को विवश करने को उतारू खड़ी है। बाजार के इन ललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने हैं। दूसरी तरफ शिक्षा तो साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है और हमारे आत्मतत्त्व को प्रबल करता हुआ विमल विवेक दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है, मगर अपनी ओर आकर्षित करने वाले बाजार का मार्ग प्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखों-करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भँवरजाल में फंस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह फंसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फंसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में हैं बल्कि महसूस यह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरूरत विचार करने की है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं। लेखक ने शिक्षा के संदर्भ में किस बात को महत्त्व दिया है?
गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, दूसरा मृगतृष्णा का है। बाजार की मृगतृष्णा शिक्षार्थी को लोभ-लालच देकर अपनी तरफ दौड़ाते रहने को विवश करने को उतारू खड़ी है। बाजार के इन ललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने हैं। दूसरी तरफ शिक्षा तो साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है और हमारे आत्मतत्त्व को प्रबल करता हुआ विमल विवेक दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है, मगर अपनी ओर आकर्षित करने वाले बाजार का मार्ग प्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखों-करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भँवरजाल में फंस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह फंसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फंसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में हैं बल्कि महसूस यह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरूरत विचार करने की है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं। निम्न में से कौन-सी विशेषता बाजार की नहीं है?
M, N, P, R, T, W, F and H are sitting around a circle at the centre, P is third to the left of M and second to the right of T. N is second to the right of P. R is second to the right of W who is second to the right of M. F is not an immediate neighbour of P. Who is to the immediate right of P? M, N, P, R, T, W, F और H केंद्र में एक वृत्त के चारों ओर बैठे हैं,P, M के बाएं से तीसरे और T के दायें से दूसरे स्थान पर हैं| N, Pके दाईंओर दूसरा है। R, W के दायें से दूसरे नंबर पर है, जो M के दायें से दूसरे नंबर पर है, P का तत्काल पड़ोसी नहीं है। P के तत्काल दाएं को कौन है?
Recommended Questions
- त्रिज्या R के वृताकार मार्ग में एकसमान कोणीय वेग omega से गति कर रहे क...
Text Solution
|
- The position vector of a particle is r = a sin omega t hati +a cos ome...
Text Solution
|
- The displacement vector of a particle of mass m is given by r (t) = ha...
Text Solution
|
- द्रव्यमान m के एक कण को गति y=ut+(1)/(2)g t^(2) से वर्णित है । उस कण प...
Text Solution
|
- बल F=(hati+hatj+hatk) के द्वारा कण पर कृत कार्य की गणना कीजिए यदि वह ब...
Text Solution
|
- त्रिज्या R के वृताकार मार्ग में एकसमान कोणीय वेग omega से गति कर रहे क...
Text Solution
|
- किसी समतल में गति | किसी समतल में एक समान त्वरण से गति | दो विमाओं में...
Text Solution
|
- समीकरण y=A cos omega t +B sin omega t से A तथा B को विलोपित करने पर प्...
Text Solution
|
- The displacement vector of a particle of mass m is given by r (t) = ha...
Text Solution
|