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PHYSICS
घरेलू विद्युत परिपथों में सामान्यतः विद्...

घरेलू विद्युत परिपथों में सामान्यतः विद्युत साधिनों (उपकरणों) को समान्तर (पाव) संयोजन में क्यों जोड़ते हैं?

लिखित उत्तर

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(i) विद्युत साधित्रों को घरेलू विद्युत परिपथ में पाश्र्व संयोजन में जोड़ने पर परिपथ का तुल्य प्रतिरोध का मान कम हो जाता है, जिससे साधित्रों को उपलब्ध होने वाली विद्युत धारा का मान अधिक होता है, जबकि श्रेणीक्रम संयोजन में जोड़ने पर प्रतिरोध बढ़ जाने से प्राप्त होने वाली धारा का मान घट जाता है। (ii) पार्श्व संयोजन में एक साधित्र के फ्यूज या खराब हो जाने पर शेष साधित्रों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता, जबकि श्रेणी संयोजन में ऐसा होने पर सभी साधित्र काम करना बंद कर देते हैं। (iii) पार्श्व संयोजन में सभी साधित्रों के लिए अलग-अलग स्विच लगाकर उन्हें आवश्यकतानुसार चालू या बंद किया जा सकता है, जबकि श्रेणीक्रम संयोजन में एक भी स्विच बंद करने पर सभी साधित्र काम करना बंद कर देते हैं। (iv) पार्श्व संयोजन में प्रत्येक साधित्र को निर्धारित वोल्टता प्राप्त होती है, जबकि श्रेणीक्रम संयोजन में ज्यों ज्यों साधित्र की संख्या बढ़ायी जाती है, त्यों त्यों वोल्टता को विभाजन से साधित्रों को पर्याप्त वोल्टता उपलब्ध नहीं हो पाती है, जिससे साधित्र काम करना बंद कर देते हैं।
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