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Class 10
PHYSICS
विद्युत धारा के तापीय प्रभाव से क्या तात...

विद्युत धारा के तापीय प्रभाव से क्या तात्पर्य है? किसी प्रतिरोधक R में विद्युत धारा I प्रवाहित करने पर उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा के लिए व्यंजक प्राप्त कीजिए।आवश्यक चित्र बनाइए। प्राप्त व्यंजक के आधार पर जूल के तापन नियम का कथन लिखिए।

लिखित उत्तर

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विद्युत धारा का तापीय प्रभाव-जब विद्युत स्रोत से केवल प्रतिरोधकों का समूह ही संयोजित किया जाता है तो स्रोत की ऊर्जा निरंतर पूर्ण रूप से ऊष्मा के रूप में क्षयित होती रहती है। इसे विद्युत धारा का तापीय प्रभाव कहते हैं।"

जब किसी प्रतिरोधक R से विद्युत धारा I प्रवाहित की जाती है तो इसके सिरों पर चित्रानुसार विभवान्तर V उत्पन्न होता है। मान लें कि इस प्रतिरोधक से t समय में Q आवेश प्रवाहित हो, तब Qआवेश V विभवान्तर से प्रवाहित होने में किया गया कार्य V x Q होगा। अतः स्रोत को समय में V x Q ऊर्जा की आपूर्ति करनी चाहिए। अतः स्रोत द्वारा परिपथ में निवेशित शक्ति `P = (V xx Q)/(t) = v xx t`
अतः समय t में स्रोत द्वारा परिपथ को प्रदान की गई ऊर्जा = P x t या V.I.t के बराबर होगी। यहीं ऊर्जा ऊष्मा के रूप में प्रतिरोधक में क्षयित हो जाती है। अतः इस स्थायी विद्युत धारा i द्वारा समय 1 में उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा H= V.i.t `rArr H=i^2.R.t,` (ओम के नियम से V=i. R रखने पर)
जूल का तापन नियम-किसी प्रतिरोधक में उत्पन्न ऊष्मा उस प्रतिरोधक में प्रवाहित होने वाली धारा के वर्ग, प्रतिरोधक के प्रतिरोध तथा उसमें धारा के प्रवाह के समय अनुक्रमानुपाती होती है।
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