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Class 11
BIOLOGY
दो कोशिकीय अंगकों का नाम बताइए जो द्विकल...

दो कोशिकीय अंगकों का नाम बताइए जो द्विकला से घिरे होते हैं। इन दो अंगकों की क्‍या विशेषताएं हैं? इनका कार्य व रेखांकित चिंत्र बनाइए?

लिखित उत्तर

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माइटोकोन्ड़िया व अंतप्रद्रव्यी जालिका इत्यादि |
(i) माइटोकॉन्ड्रिया की विशेषताएँ-
(a) यह दोहरी झिल्ली युक्त कोशिकांग है।
(b) आन्तरिक झिल्ली अन्तर्वलित होकर क्रिस्टी नामक रचनाओं का निर्माण करती है।

(c) आन्तरिक झिल्ली पर घुण्डीनुमा रचनाएँ लगी होती है, जिन्हें `F_(1)` कण या प्रारम्भिक कण या ऑक्सीसोम कहते हैं ।
(d) माइटोकॉन्ड्रिया का भरण पदार्थ मैट्रिक्स कहलाता है।
(e) मैट्रिक्स में वृत्ताकार DNA व 70S राइबोसोम पाया जाता है |
माइटोकॉ ण्ड्रयाँ के कार्य-
(a) माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका में श्वसन क्रिया के केन्द्र के रूप में ऊर्जा उत्पन्न करता है, इन्हें कोशिका का पावर हाऊस भी कहा जाता है
(b) माइटोकॉन्डिया वसा उपापचय से भी सम्बन्धित होते हैं।
(c) ये प्रोटीन संश्लेषण में भी सहायक माने गये हैं।
(ii) अन्‍्तःप्रद॒व्यी जालिका की विशेषताएँ-
(a) ये दोहरी झिल्ली युक्त होती है
(b) यह कई स्थानों पर प्लाज्मा मेम्ब्रेन व केन्द्रक झिल्ली से जुड़ी रहती है।
(c) यह आकृति के आधार पर सिस्टर्नी, पुटिकाओं और नलिकाओं में विभेदित रहती है।
(d) यह मुख्यत: दो प्रकार की होती है-() चिकनी अन्त:प्रद्र॒व्यी जालिका
(ii) खुरदरी या दानेदार अन्तःप्रद्ग॒व्यी जालिका।
अन्तःप्रदव्यी जालिका के कार्य-
(a) स्टेरॉड, हारमोन्स व प्रोटीन संश्लेषण करना।
(b) अन्त: कोशिकीय व अन्तरकोशिकीय परिवहन में सहायक।
(c) कोशिका को एक निश्चित आकार प्रदान करना (कोशिका कंकाल के रूप में ) |
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