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यदि p, q, r समांतर श्रेढ़ी में हों तो सिद...

यदि p, q, r समांतर श्रेढ़ी में हों तो सिद्ध करें कि `tp + a, tq + a, tr + a`समांतर श्रेढ़ी में होंगे ।

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In the figure, two circles with centres P and Q touch externally at R. Tangents AT and BT meet the common tangent TR at T. If AP = 6cm and PT = 10 cm, then BT =? दी गयी आकृति में, दो वृत्त जिनके केंद्र P तथा Q हैं, वे एक-दूसरे को बाहर से R पर स्पर्श करते हैं | स्पर्श रेखाएँ AT तथा BT उभयनिष्ठ स्पर्श रेखा TR से T पर मिलती हैं | यदि AP= 6 सेमी तथा PT = 10 सेमी है, तो BT =?

In triangle ABC a straight line parallel to BC intersects AB and AC at D and E respectively. If AB = 2AD, then DE : BC is - त्रिभुज ABC में BC के समांतर एक सरल रेखा AB और AC को क्रमशः D और E पर काटती है । यदि AB= 2AD, तो DE : BC कितना होगा ।

If x is added to each of 12, 28, 21 and 45, the numbers so obtained, in this order, are in proportion. What is the mean proportional between (x+3) and (4x + 1)? यदि x को 12, 28, 21 और 45 में से प्रत्येक में जोड़ा जाता है, तो इस प्रकार प्राप्त संख्याएं समानुपात में हैं | (x+3) और (4x + 1) का माध्य समानुपाती ज्ञात करें |

हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके साथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते है। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल मात्र बाहर से नहीं, मन की गहराइयों में रचयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रुप स्वरुप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते है तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएंगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम् शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। हमारे व्यवहार और कार्य स्वयं ठीक से हो जाएंगे यदि हम

हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके साथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते है। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल मात्र बाहर से नहीं, मन की गहराइयों में रचयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रुप स्वरुप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते है तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएंगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम् शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। फूल के लिए कौन-सा विशेषण ul(" अनुपयुक्त ") है?

The length of the two, parallel sides of a trapezium are 28 cm and 40 cm. If the length of each of its other two sides be 12 cm,then the area (in cm^2 ) of the trapezium is- एक समलंब की दो समांतर भुजाओं की लंबाई 28 सेमी और 40 सेमी हैं। यदि इसकी अन्य दो भुजाओं में प्रत्येक की लंबाई 12 सेमी हो, तो समलंब का क्षेत्रफल ( सेमी^2 में) क्या होगा?