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CHEMISTRY
विलेय-विलायक आकर्षण के आधार पर निम्नलिखि...

विलेय-विलायक आकर्षण के आधार पर निम्नलिखित को n-ऑक्टेन में विलेयता के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित कीजिए -
`KCl , CH_(3) OH , CH_(3) CN `, साइक्लोहेक्सेन |

लिखित उत्तर

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(i) साइक्लोहेक्सेन तथा n-ऑक्टेन दोनों अधूवी है। अतः ये सभी अनुपातों में पूर्णतया मिश्रित हो जाते हैं।
(ii) KCI एक आयनिक यौगिक है, जबकि n-ऑक्टेन अधूवी है। अतः `KCl n-`ऑक्टेन में नहीं घुलता है।
(iii) `CH_(3)OH " तथा " CH_(3)CN` से कम ध्रुवी है। चूंकि विलायक अधूवी है अत: n-ऑक्टेन में `CH_(3)CN` की घुलनशीलता `CH_(3)OH` से अधिक होगी। अत: विलेयता का क्रम निम्नलिखित प्रकार होगा -
`KCl lt CH_(3)OH lt CH_(3)CN lt` साइक्लोहेक्सेन
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