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Class 12
CHEMISTRY
(i) वाष्प दाब के अवनमन से आप क्या समझते...

(i) वाष्प दाब के अवनमन से आप क्या समझते हैं? वाष्य दाब के आपेक्षिक अवनमन की समीकरण दीजिए।
(ii) किसी विलायक में अवाष्पशील विलेय घोलने से विलायक का वाष्प दाब कम क्यों हो जाता है?

लिखित उत्तर

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(i) वाष्प दाब का अवनमन-यदि कोई अवाष्पशील पदार्थ किसी विलायक में घोला जाए तो विलायक के वाष्प दान में कमी आ जाती है, जिसे वाघ दाब का अवनमन कहते हैं। वाष्प दाब का अवनमन विलयन में उपस्थित विलेय पदार्थ की मात्रा के समानुपाती होता है।
वाष्प दाब का अवनमन `propto` विलेय पदार्थ की मात्रा
वाष्य दाब के आपेक्षिक अवनमन की समीकरण-यदि किसी विलायक का वाध्य दाब P है और इसमें विलेय पदार्थ घोलने पर विलयन का वाष्प दाब `P_(s)` है तो विलायक के वाष्प दाब में अवनमन ` = P - P_(s)`
किसी विलयन के वाष्प दाब में अवनमन `(P - P_(s))` तथा विलायक के वाष्प दाब (P) के अनुपात को वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन कहते हैं। तनु विलयन के लिए प्रत्येक ताप पर आपेक्षिक वाथ्य अवनमन समान (स्थिर) होता है।
वाष्प दाब का आपेक्षिक अवनमन
` = " विलयन के वाष्प दाब का अवनमन "/" विलायक का वाष्प दाब " = (P - P_(s))/P`
(ii) किसी द्रव में उपस्थित अणु प्रत्येक दिशा में गतिशील रहते हैं। सतह के अणुओं की गतिज ऊर्जा अन्य अणुओं की अपेक्षा अधिक होती है, अतः ये अण द्रव की सतह से वाध्य के रूप में पृथकू हो जाते हैं। अणुओं की यह प्रवृत्ति निर्गामी प्रवृत्ति कहलाती है। वाष्प के ये अणु सतह पर दाब डालते हैं, जिसको वाष्प दाब कहते हैं। किसी द्रव या विलायक में अवाष्पशील पदार्थ मिलाने पर द्रव के अणुओं की यह निर्गामी प्रवृत्ति घट जाती है क्योंकि विलेय पदार्थ द्रव के अणुओं पर एक प्रकार का अवरोध उत्पन्न करता है, अत: द्रव का वाष्प दाब घट जाता है, इसलिए विलयन का वाष्प दाब विलायक के वाष्प दाब से सदैव कम रहता है।
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