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Class 12
CHEMISTRY
उचित उदाहरणों द्वारा अभिक्रिया की कोटि ...

उचित उदाहरणों द्वारा अभिक्रिया की कोटि एवं आण्विकता को समझाइए।

लिखित उत्तर

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अभिक्रिया की आण्विकता - किसी रासायनिक अभिरकिया में भाग लेने वाले अभिकारक अणुओ की न्यूनतम संख्या को अभिक्रिया आण्विकता कहते है। इस आधार पर यदि अभिक्रिया में भाग लेने वाले अणुओ की संख्या 1,2,3 आदि हो तो अभिक्रिया एक - अणुक , द्वि - अणुक , त्रि - अणुक आदि कहलाती है।
उदाहरण - (i ) अमोनियम नाइट्राइट को गर्म करने पर होव वाली अभिक्रिया में अमोनियम नाइट्राइट का एक अणु भाग लेता है , अतः इसकी आण्विकता एक है।
`NH_(4) NO_(2) to 2H_(2)O +N_(2) uArr`
(ii) NaOH द्वारा एथिल एसीटेट का जल - अपघटन एक द्वि - अणुक अभिक्रिया है क्योंकि दोनों अभिकारकों का एक - एक अणु भाग लेता है
`CH_(3)COOC_(2)H_(5) =NaOH to CH_(3)COONa +C_(2)H_(5)OH`
अभिक्रिया की कोटि सदैव पूर्ण संख्या होती है अर्थात यह भिन्नांक नहीं होती है। इसकी सहायता से अभिक्रिया के वेग निर्धारण नहीं किया जा सकता है।
(ब) अभिक्रिया की कोटि - किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले उन पदार्थो के अणुओ की वह संख्या , जिनका सान्द्रण अभिक्रिया की प्रगति में परिवर्तित होता है , अभिक्रिया की कोटि कहलाती है। उदाहरण के लिए अभिक्रिया -
`CH_(3)COOC_(2)H_(5) +NaOH to CH_(3)COONa +C_(2)H_(5)OH`
में दोनों अभिकारकों के एक -एक अणु की सान्द्रता प्रभावित हो रही है अतः यह द्वितीय कोटि की अभिक्रिया है परन्तु अभिक्रिया -
`CH_(3)COOC_(2)H_(5) +H_(2)O overset (H^(+)) to CH_(3)COOH +C_(2)H_(5)OH`
के केवल `CH_(3)COOC_(2)H_(5)` के एक अणु के सान्द्रण का प्रभाव अभिक्रिया के वेग पर पड़ता है तथा जल का सान्द्रण स्थिर अर्थात अपरिवर्तित रहता है अतः यह प्रथम कोटि की अभिक्रिया है।
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