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Class 12
CHEMISTRY
अभिक्रिया की दर पर तापमान और दाब के प्र...

अभिक्रिया की दर पर तापमान और दाब के प्रभाव को समझाइए।

लिखित उत्तर

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अभिकारक सान्द्रण का प्रभाव - अभिकारक का सान्द्रण बढ़ने पर अभिकारकों के अणुओ की संख्या में वृद्धि हो जाती है जिसके फलस्वरूप उन अणुओ की प्रभावी टक्करों की संख्या में वृद्धि के कारण अभिक्रिया गति में भी वृद्धि हो जाती है। अतः अभिकारक का सान्द्रण बढ़ने पर अभिक्रिया गति में वृद्धि होती है।
(ii) तापमान का प्रभाव - अभिक्रिया का तापमान बढ़ने का साथ अभिक्रिया की दर में वृद्धि होती है क्योंकि तापमान वृद्धि पर अभिकारकों के अणुओ की इकाई समय में संघट्टों की संख्या में वृद्धि हो जाती है
उत्प्रेरक का प्रभाव - उत्प्रेरक के द्वारा अभिक्रिया दर को प्रभावित करने का कारण संघटवाद के द्वारा समझाया गया है क्योंकि उतरेरक रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेकर अभिकारकों के सतह अस्थायी आबंध बनाता है , जो मध्यवर्ती संकर में परिवर्तित देता है , ऐसा माना जाता है परन्तु क्रियाविधि के आधार पर उत्प्रेरक सक्रियित संकर बनाने हेतु आवश्यक सक्रियण ऊर्जा का मान कर देता है , फलस्वरूप अभिक्रिया कम ताप पर ही तीव्र गति से होने लगती है।
अभिक्रिया दर `prop`
`1/(" सक्रियण ऊर्जा")`
(iv) दाब का प्रभाव - गैसीय अभिकारकों के अणुओ पर दाब बढ़ाने पर उनके अणु परस्पर निकट आ जाते है क्योंकि उनका आयतन घट जाता है । अतः इकाई आयतन में उनका सान्द्रण बढ़ जाती है और अभिक्रिया की दर बढ़ जाती है ।
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