Home
Class 12
CHEMISTRY
अभिक्रिया की कोटि से आप क्या समझते है ? ...

अभिक्रिया की कोटि से आप क्या समझते है ? शून्य कोटि की अभिक्रिया के वेग स्थिरांक व्यंजक तथा एक उदाहरण लिखिए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

अभिक्रिया की कोटि - किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले उन अणुओ की संख्या जिनका सान्द्रण रासायनिक अभिक्रिया की प्रगति में अपरिवर्तित होता है , अभिक्रिया की कोटि कहलाती है।
शून्य कोटि की अभिक्रिया - वह अभिक्रिया जिसकी प्रगति में अभिकारक के किसी भी अणु का सान्द्रण परिवर्तित नहीं होता है अर्थात जिसका वेग अभिकारक के किसी भी अणु का सान्द्रण परिवर्तित नहीं होता है अर्थात अभिक्रिया कहलाती है।
उदाहरण - `H_(2)+Cl_(2) overset (" सूर्य का प्रकाश ") to 2HCl`
शून्य कोटि की अभिक्रिया का गतिक समीकरण - मान लिया कोई शून्य कोटि की अभिक्रिया निम्नलिखित प्रकार से होती है -
`A to B +C`
शून्य कोटि की परिभाषा के अनुसार ,
इसका वेग `((dx)/(dt)) prop [A]^(0)`
या `(dx)/(dt) = k[A]^(0)`
जहाँ k= शून्य कोटि की अभिक्रिया का वेग स्थिरांक है। `[ :." " A^(theta )=1] `
` :. " " (dx)/(dt) =k`
अतः शून्य कोटि की अभिक्रिया का वेग स्थिरांक उस अभिक्रिया के वेग के बराबर होता है ।
समीकरण को निम्नलिखित प्रकार से लिखने पर ,
dx = k ft
समाकलन से , `int dx = k int dt `
या `x = kt+C " "....(2)`
जहाँ .C. समाकलन स्थिरांक है।
t = 0 पर x = 0 तब समीकरण (2) से ,
C = 0 ,
अतः x=kt
या `k = x/t`
इस समीकरण को शून्य कोटि की अभिक्रिया का गतिक (गणितीय ) समीकरण कहते है । इससे का मान ज्ञात करते है ।
मात्रक = `(" मोल लीटर"^(-1))/(" सेकंड") = " मोल लीटर"^(-1) " सेकंड"^(-1)`
Promotional Banner