प्रकाश का व्यतिकरण-(विस्तृत उत्तरीय प्रश्नोत्तर 5 देखें)।
व्यतिकारी प्रकाश पुंज के किसी एक के मार्ग में । मोटाई की पतली पारदर्शी प्लेट रखने का प्रभाव-माना `S_(1)` तथा `S_(2)` दो एकवी कला सम्बद्ध प्रकाश स्रोत हैं। प्रकाश स्रोतों `S_(1) S_(2)` से D दूरी पर एक पर्दा रखा है, जहाँ स्रोतों से चलने वाली प्रकाश तरंगों के बीच व्यतिकरण के कारण फ्रिन्छे बनती हैं। प्रकाश स्रोतों `S_(1) S_(2)` के बीच की दूरी d है तथा पर्दे पर स्थित बिन्दु O, `S_(1)` तथा `S_(2)` से समान दूरी पर है, जहाँ केन्द्रीय (शून्य क्रम की) फ्रिन्ज बनती है।
माना प्रकाश स्रोत `S_(1)` से चलने वाली किरण के मार्ग में है मोटाई की n अपवर्तनांक वाले माध्यम की पारदर्शी पट्टी रखी है। प्रकाश स्रोत `S_(1)` से बिन्दु P तक पहुँचने वाली प्रकाश तरंग `(S_(1)P- t) `दूरी वायु में तथा । दूरी पारदर्शी पट्टी में तय करती है, अत: प्रकाश स्रोत `S_(1)` से पर्दे के बिन्दु P तक प्रकाश-किरण को पहुँचने में लगा समय . T = वायु में (S,P-t) दूरी तय करने में लगा समय
+ पट्टी को पार करने में लगा समय
`(S_(1)P-t)/(c)+(t)/(upsilon)....(1)`

जहाँ वायु में प्रकाश की चाल है तथा u पट्टी के माध्यम में प्रकाश की चाल है।पारदर्शी पट्टी के माध्यम का अपवर्तनांक `n = c//upsilon`
अतः समीकरण (1) में upsilon का मान रखने पर,
`T=(S_(1)P-t)/(c)+(t.n)/(c)=(1)/(c)(S_(1)P-t+nt)`
`=(1)/(c){S_(1)P+(n-1)t}`
अतः वायु में SP के तुल्य प्रकाशिक पथ की लम्बाई` =cxx(1)/(c) = {S_(1)P+(n - 1) t} = S_(1)P + (n-1)t`
अतः t मोटाई की प्लेट रखने पर प्रकाश तरंग के प्रकाशिक पथ में । (n - 1) t की वृद्धि होती है।
अतः बिन्दु P पर पहुंचने वाली तरंगों के बीच पथान्तर
`= S_(2)P- [S_(1)P+(n - 1) t]`
`= (S_(2)P- S_(1)P)- (n-1) t`
चूँकि `S_(1)S_(2) = d`
`S_(1)S_(2)` से पर्दे की दूरी = D तथा `OP = X_(m)`
`S_(2)P- S_(1)P =(d)/(D) X_(m)`
अतः . बिन्दु P पर प्रभावी पथान्तर `=(d)/(D)X_(m) - (n - 1) t`
यदि बिन्दु P पर mवीं दीप्त फ्रिन्ज है तो प्रभावी पथान्तर `mlambda`के बराबर होगा, अर्थात्
`(d)/(D)X_(m) - (n-1) t = mlambda` (जहाँ m = 0,1, 2, .....]
अथवा `X_(m) =(D)/(d) [mlambda + (n - 1) t]`
प्लेट की अनुपस्थिति में mवीं दीप्त फ्रिन्ज की बिन्दु Oसे दूरी (t= 0रखने पर)
`X_(m)=(mDlambda)/(d)`
अतः प्लेट रखने पर m वीं दीप्त फ्रिन्ज का विस्थापन
`X_(0) =(D)/(d) m lambda+ (n – 1) t-(D)/(d)mlambda`
`=(D)/(d) (n-1)t`
अत: प्लेट की मोटाई `t=(X_(0)lambda)/(D(n-1))`
`W=(Dlambda)/(d)`
`(d)/(D)=(lambda)/(W)`
अत: प्लेट की मोटाई `t=(X_(0)lambda)/(W(n-1))`
`=a//2`
`I=((a)/(2))^(2)=(a^(2))/(4)=(I_(0))/(4)`
