Home
Class 10
PHYSICS
किसी वाहन के पीछे देखने के आइने (rear -v...

किसी वाहन के पीछे देखने के आइने (rear -view mirror) के रूप में उपयोग किए जानेवाले उत्तल दर्पण की वक्रता - त्रिज्या 2.4 m है । यदि एक कार इस दर्पण से 6.0 m दूर हो , तो उसके प्रतिबिंब की स्थिति , प्रकृति और आकार (size) निकालें ।

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। बाल-मस्तिष्क की प्रकृति की यह मांग होती है कि बच्चे का बौद्धिक विकास विचारों के प्रोच के पास हो। दूसरे शब्दों में, यह तोस, वास्तविक बिषों के बीच और सर्वप्रथम प्रकृति की गोद में हो. जहाँ बच्चा ठोस बिंब को देखें, सुने और फिर उसका विचार इस बिंब के बारे में प्राप्त सूचना के संसाधन के काम में लगे। जब बच्चे को प्रकृति से दूर रखा जाता है. अब बच्चा पढ़ाई के पहले दिन से ही केवल शब्दों के रूप में सारा ज्ञान और बोध पाता है, तो उसके मस्तिष्क की कोशिकाएँ जल्दी ही थक जाती हैं और अध्यापक द्वारा प्रस्तुत काम को निभा नहीं पाती और इन कोशिकाओं को तो अभी विकसित, सशक्त, सुबुढ़ होना है। यहीं पर उस बात का कारण छिपा है, जो प्राथमिक कक्षाओं में अक्सर देखने में आती है-बच्चा चुपचाप बैठा अध्यापक की आँखों में आँखें डाले देखता है, मानों बड़े ध्यान से सुन रहा हो, लेकिन वास्तव में वह एक शब्द भी नहीं समझ पाता, क्योंकि बच्चे को नियमों पर सोच विचार करना पड़ता है, और ये सब अमूर्त सामान्यीकृत बातें होती है। "जब बच्चे को प्रकृति से दूर रखा जाता है ...." वाक्य के रेखाकित अंश मे कौन-सा कारक है?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। बाल-मस्तिष्क की प्रकृति की यह मांग होती है कि बच्चे का बौद्धिक विकास विचारों के प्रोच के पास हो। दूसरे शब्दों में, यह तोस, वास्तविक बिषों के बीच और सर्वप्रथम प्रकृति की गोद में हो. जहाँ बच्चा ठोस बिंब को देखें, सुने और फिर उसका विचार इस बिंब के बारे में प्राप्त सूचना के संसाधन के काम में लगे। जब बच्चे को प्रकृति से दूर रखा जाता है. अब बच्चा पढ़ाई के पहले दिन से ही केवल शब्दों के रूप में सारा ज्ञान और बोध पाता है, तो उसके मस्तिष्क की कोशिकाएँ जल्दी ही थक जाती हैं और अध्यापक द्वारा प्रस्तुत काम को निभा नहीं पाती और इन कोशिकाओं को तो अभी विकसित, सशक्त, सुबुढ़ होना है। यहीं पर उस बात का कारण छिपा है, जो प्राथमिक कक्षाओं में अक्सर देखने में आती है-बच्चा चुपचाप बैठा अध्यापक की आँखों में आँखें डाले देखता है, मानों बड़े ध्यान से सुन रहा हो, लेकिन वास्तव में वह एक शब्द भी नहीं समझ पाता, क्योंकि बच्चे को नियमों पर सोच विचार करना पड़ता है, और ये सब अमूर्त सामान्यीकृत बातें होती है। बच्चों को प्रकृति के निकट रखने की बात क्यों की गई है?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। बाल-मस्तिष्क की प्रकृति की यह मांग होती है कि बच्चे का बौद्धिक विकास विचारों के प्रोच के पास हो। दूसरे शब्दों में, यह तोस, वास्तविक बिषों के बीच और सर्वप्रथम प्रकृति की गोद में हो. जहाँ बच्चा ठोस बिंब को देखें, सुने और फिर उसका विचार इस बिंब के बारे में प्राप्त सूचना के संसाधन के काम में लगे। जब बच्चे को प्रकृति से दूर रखा जाता है. अब बच्चा पढ़ाई के पहले दिन से ही केवल शब्दों के रूप में सारा ज्ञान और बोध पाता है, तो उसके मस्तिष्क की कोशिकाएँ जल्दी ही थक जाती हैं और अध्यापक द्वारा प्रस्तुत काम को निभा नहीं पाती और इन कोशिकाओं को तो अभी विकसित, सशक्त, सुबुढ़ होना है। यहीं पर उस बात का कारण छिपा है, जो प्राथमिक कक्षाओं में अक्सर देखने में आती है-बच्चा चुपचाप बैठा अध्यापक की आँखों में आँखें डाले देखता है, मानों बड़े ध्यान से सुन रहा हो, लेकिन वास्तव में वह एक शब्द भी नहीं समझ पाता, क्योंकि बच्चे को नियमों पर सोच विचार करना पड़ता है, और ये सब अमूर्त सामान्यीकृत बातें होती है। केवल शब्दों के रूप में सारा ज्ञान देना।

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। बाल-मस्तिष्क की प्रकृति की यह मांग होती है कि बच्चे का बौद्धिक विकास विचारों के प्रोच के पास हो। दूसरे शब्दों में, यह तोस, वास्तविक बिषों के बीच और सर्वप्रथम प्रकृति की गोद में हो. जहाँ बच्चा ठोस बिंब को देखें, सुने और फिर उसका विचार इस बिंब के बारे में प्राप्त सूचना के संसाधन के काम में लगे। जब बच्चे को प्रकृति से दूर रखा जाता है. अब बच्चा पढ़ाई के पहले दिन से ही केवल शब्दों के रूप में सारा ज्ञान और बोध पाता है, तो उसके मस्तिष्क की कोशिकाएँ जल्दी ही थक जाती हैं और अध्यापक द्वारा प्रस्तुत काम को निभा नहीं पाती और इन कोशिकाओं को तो अभी विकसित, सशक्त, सुबुढ़ होना है। यहीं पर उस बात का कारण छिपा है, जो प्राथमिक कक्षाओं में अक्सर देखने में आती है-बच्चा चुपचाप बैठा अध्यापक की आँखों में आँखें डाले देखता है, मानों बड़े ध्यान से सुन रहा हो, लेकिन वास्तव में वह एक शब्द भी नहीं समझ पाता, क्योंकि बच्चे को नियमों पर सोच विचार करना पड़ता है, और ये सब अमूर्त सामान्यीकृत बातें होती है। इस गद्यांश के आधार पर आप अपनी कक्षा में क्या करेंगे?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। बाल-मस्तिष्क की प्रकृति की यह मांग होती है कि बच्चे का बौद्धिक विकास विचारों के प्रोच के पास हो। दूसरे शब्दों में, यह तोस, वास्तविक बिषों के बीच और सर्वप्रथम प्रकृति की गोद में हो. जहाँ बच्चा ठोस बिंब को देखें, सुने और फिर उसका विचार इस बिंब के बारे में प्राप्त सूचना के संसाधन के काम में लगे। जब बच्चे को प्रकृति से दूर रखा जाता है. अब बच्चा पढ़ाई के पहले दिन से ही केवल शब्दों के रूप में सारा ज्ञान और बोध पाता है, तो उसके मस्तिष्क की कोशिकाएँ जल्दी ही थक जाती हैं और अध्यापक द्वारा प्रस्तुत काम को निभा नहीं पाती और इन कोशिकाओं को तो अभी विकसित, सशक्त, सुबुढ़ होना है। यहीं पर उस बात का कारण छिपा है, जो प्राथमिक कक्षाओं में अक्सर देखने में आती है-बच्चा चुपचाप बैठा अध्यापक की आँखों में आँखें डाले देखता है, मानों बड़े ध्यान से सुन रहा हो, लेकिन वास्तव में वह एक शब्द भी नहीं समझ पाता, क्योंकि बच्चे को नियमों पर सोच विचार करना पड़ता है, और ये सब अमूर्त सामान्यीकृत बातें होती है। यहीं पर उस बात का कारण छिपा है, जो प्राथमिक _______ आती है।" वाक्य में किस बात की तरफ इशारा किया गया है?

Recommended Questions
  1. किसी वाहन के पीछे देखने के आइने (rear -view mirror) के रूप में उपयोग ...

    Text Solution

    |

  2. एक व्यक्ति के एक कदम आगे चलने की प्रायिकता 0.4 तथा एक कदम पीछे हटने की...

    Text Solution

    |

  3. उत्तल दर्पण तथा अवतल दर्पण के उपयोग | महत्वपूर्ण प्रश्न

    Text Solution

    |

  4. उत्तल लेंस द्वारा वस्तु के विभिन्न स्थितियों में प्रतिबिम्ब की प्रकृति...

    Text Solution

    |

  5. संपर्क में रखे दो पतले लेंसों की संयुक्त फोकस दूरी|उत्तल लेंस तथा समतल...

    Text Solution

    |

  6. गोलीय दर्पण के भाग|उत्तल दर्पण तथा अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब बनने क...

    Text Solution

    |

  7. अवतल दर्पण द्वारा प्रतिबिम्ब बनाना|अवतल दर्पण के उपयोग|उत्तल दर्पण द्व...

    Text Solution

    |

  8. दर्पण के प्रकार #!#समतल दर्पण के द्वारा प्रतिबिंब का निर्माण

    Text Solution

    |

  9. गोलीय दर्पण से प्रतिबिंब निर्माण के नियम

    Text Solution

    |