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Class 14
MATHS
दो धावक समान बिंदु से प्रारंभ कर वृत्ताक...

दो धावक समान बिंदु से प्रारंभ कर वृत्ताकार ट्रैक पर 600 मी. दूरी तय करते हैं। यदि वे समान दिशा में क्रमशः 1.5 मी/सेकेण्ड और 3.5 मी/सेकेण्ड की गति से दौड़ते हैं, तो वे एक दूसरे को दूसरी बार कब पार करेंगें।

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A and B at a distance of 1.7 km apart and they start running towards each other at a speed of 8m/s and 9 m/s respectively. After how much time, will they meet each other? A और B 1.7 किमी की दूरी पर अलग हैं और वे क्रमशः 8 मीटर /सेकंड और 9 मीटर / सेकंड की गति से एक दूसरे की ओर दौड़ना शुरू करते हैं। कितने समय के बाद, वे एक दूसरे से मिलेंगे?

Two trains are moving in opposite directions with the speed of 35 m/s and 45 m/s respectively. From the time they are 12 km apart, how much time would they take to cross each other ? दो ट्रेनें विपरीत दिशाओं में क्रमशः 35 मी/सेकंड और 40 मी/सेकंड की चाल से यात्रा कर रही हैं | जब उनके बीच की दूरी 12 किमी है, उस समय से उन्हें एक-दूसरे को पार करने में कितना समय लगेगा ?

Places A and B are 144 km apart. Two cars start simultaneously, one from A and the other from B. If they move in the same direction, they meet after 12 hours, but if they move towards each other they meet after 9/8 hours. The speed(in km/h) of the car moving at a faster speed, is: / स्थान A और B 144 किमी दूर हैं | दो करें एक ही समय चलना शुरू करती हैं, पहली कार A से तथा दूसरी कार B से | ये वे समान दिशा में चलती हैं, तो वे 12 घंटों के बाद मिलती हैं, लेकिन यदि वे एक-दूसरे की ओर चलती हैं, तो 9/8 घंटे के बाद मिलती हैं| तीव्र गति से चलने वाली कार की चाल (किमी/घंटा में ) कितनी है ?

A and B can do a work in 12 days, B and C can do it in 15 days and C and A can do it in 20 days. If A, B and C work together, then they will complete the same work in: A और B एक कार्य को 12 दिनों में कर सकते हैं, B और C इसे 15 दिनों में कर सकते हैं और C और A इसे 20 दिनों में कर सकते हैं। यदि A, B और C एक साथ कार्य करते हैं, तो वे उसी कार्य को कितने समय में पूरा करेंगे?

The distance between two stations A and B is 800 km. A train X starts from point A and moves towards point B at a speed of 40 km/h and another train Y starts from point B and moves towards A at 60 km/h. How far from A will they cross each other? दो स्टेशनों A और B के बीच की दूरी 800 किमी है | एक ट्रेन X बिंदु A से चलती है और B की तरफ 40 किमी/घंटा की चाल से जाती है तथा दूसरी ट्रेन Y बिंदु B से A की ओर 60 किमी/घंटा की चाल से चलना शुरू करती है | A से कितनी दूरी पर वे एक-दूसरे को पार करेंगी ?

Two trains of the same length are running on parallel tracks in the same direction at 54 km/h and 42 km/h respectively. The faster train passes the other train in 63 seconds. What is the length (In metres) of each train? समान लंबाई की दो ट्रेनें समानांतर पटरियों पर एक ही दिशा में क्रमशः 54 किमी/घंटा और 42 किमी/घंटा की चाल से चल रही हैं | तेज़ ट्रेन दूसरी ट्रेन को 63 सेकंड में पीछे छोड़ देती है | प्रत्येक ट्रेन की लंबाई (मीटर में ) ज्ञात करें |

A person walks a distance from point A to B at 15km/h, and from point B to A at 30km/h. If he takes 3 hours to complete the journey, then what is the distance from point A to B? एक व्यक्ति बिंदु A से B की दूरी 15 किमी/घंटा और बिंदु B से A की दूरी 30 किमी/घंटा की चाल से तय करता है। यदि उसे यात्रा पूरी करने में 3 घंटे लगते हैं, तो बिंदु A से B की दूरी क्या है?

हमारे व्यावहारिक अथवा वास्तविक जीवन में भी यही सिद्धांत काम करता है कि हम समाज अथवा लोगों को जो देते हैं वही हमारे पास लौटकर आता है। हम लोगों से प्यार करते हैं तो लोग भी हमें प्यार करते हैं लेकिन यदि हम लोगों से घृणा करते हैं तो वे भी हमसे घृणा ही करेंगे इसमें संदेह नहीं। यदि हम सबके साथ सहयोग करते हैं अथवा ईमानदार बने रहते हैं तो दूसरे भी हमारे प्रति सहयोगात्मक और ईमानदार हो जाते है। इसे आकर्षण का नियम कहा गया है। हम जैसा स्वभाव विकसित कर लेते हैं वैसी ही चीजें हमारी ओर आकर्षित होती हैं। गंदगी मक्खी को आकर्षित करती है तो फूल तितली को आकर्षित करते हैं। यदि हम स्वयं को फूल जैसा सुंदर, सुवासित, मसृण व रंगीन अर्थात सुंदर गुणों से युक्त बना लेंगे तो स्वाभाविक है कि समाज के सुंदर गुणी व्यक्ति हमारी ओर आकर्षित होंगे ही। यदि हम चाहते हैं कि हमारे संपर्क में केवल अच्छे लोग ही आएँ तो हमें स्वयं को उनके अनुरूप बनाना होगा - दुर्गुणों में नहीं, सदगुणों में। अपने व्यवहार को व्यवस्थित व आदतों को अच्छा करना होगा। अपनी वाणी को कोमल व मधुर बनाना होगा। केवल मात्र बाहर से नहीं, मन की गहराइयों में रचयं को सुंदर बनाना होगा। यदि हम बाहरी रुप स्वरुप से नहीं, वरन मन से सुंदर बन पाते है तो विचार और कर्म स्वयं सुंदर हो जाएंगे। जीवन रूपी सितार ठीक बजने लगेगा। जीवन के प्रति सत्यम् शिवम् और सुंदरम् का आकर्षण बढ़ने लगेगा। हमारे व्यवहार और कार्य स्वयं ठीक से हो जाएंगे यदि हम