Home
Class 12
MATHS
कारण बताइए कि समुच्चय {1, 2 , 3} पर सम्ब...

कारण बताइए कि समुच्चय {1, 2 , 3} पर सम्बन्ध R जो R = {(1, 2), (2, 1 )} से दिया जाता है, क्यों संक्रामक (transtive) नहीं है ?

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

The numerator of a fraction is 3 more than the denominator. When 5 is added to the numerator and 2 is subtracted from the denominator, the fraction becomes 8/3 . When the original fraction is divided by 5 1/2 , the fraction so obtained is: एक भिन्न का अंश हर की अपेक्षा में 3 अधिक है। जब 5 को अंश में जोड़ा जाता है और 2 को हर में से घटाया जाता है, तो अंश 8/3 हो जाता है। जब मूल भिन्न को 5 1/2 से विभाजित किया जाता है, तो प्राप्त होने वाला भिन्न ज्ञात कीजिए

Six boys R1, R2, R3, R4, R5 and R6 are sitting in a row facing towards the north (Not necessarily in the same order). There are three boys between R4 and R2. R4 is not at any of the end. Only three boys are between R1 and R5. R3 is towards the left of R6. R1 is at one of the end. R2 is towards the right of R4. Which of the following statements is correct? छः लड़के R1, R2, R3, R4, R5 और R6 एक पंक्ति में उत्तर की ओर मुख करके बैठे हैं, लेकिन ज़रूरी नहीं कि इसी क्रम में | R4 और R2 के बीच तीन लड़के हैं | R4 किसी भी छोर पर नहीं है | R1 तथा R5 के बीच केवल तीन लड़के हैं | R3, R6 के बाएं तरफ है | R1 किसी एक छोर पर है | R2, R4 के दायें को है | निम्न में से कौन सा कथन सही है ?

Let A = {1,2,3} and R be a relation on A defind as R = {(1,2), (2,3),(1,3)} , then R is (a) reflexive (b) symmetric (c) transtive (d) none of these

आज जब भी कोई गाँव का नाम लेता है तो एक अलग ही छवि उभरती है। वह छवि कहती है कि वहाँ गरीबी है। वहाँ अशिक्षा और अज्ञान है। वहाँ अंध-विश्वास है। गंदगी है। बीमारी है। हमें विचार करना है कि सच क्या है? क्या हमारे गाँव ऐसे ही थे जैसे आज हैं? आज जो गाँवों का दुर्दशा हुई है उसके लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों की पड़ताल करते हुए हमें नई समझ बनानी है तथा गाँवों के सही स्वरूप की पहचान करनी है। वैसे यह खुदा का शुक्र है कि गाँवों पर कई तरह के आक्रामक दुष्प्रभावों के बावजूद उनका मूल स्वरूप नहीं बदलता है। जो दूरस्थ गाँव हैं-- शहर के पड़ोस से दूर उनकी निजता तो खासी बची हुई है। ऐसी स्थिति में हमारा दायित्व, एक शिक्षित समाज का दायित्व क्या बनता है? हमें विचार करना है। मंगर ऐसा कोई भी विचार गाँवों को आँखों से देखे बिना, स्वयं देख कर समझे बिना नहीं किया जा सकता! तो हमें अपनी फर्स्ट हैंड समझ बनाने के लिए गाँव चलना है। अपने मूल स्वरूप में गाँव एक वेधशाला है। एक विद्याशाला है। गाँच वेधशाला इसलिए है कि ज्ञान को रोज वहाँ कर्म की कसौटी पर कसा जाता है। आजमाया जाता है। जो ज्ञान कर्म की कसौटी पर खरा न उतरे तो उसे खारिज कर दिया जाता है। हर ज्ञान के होने की शर्त यह है वह सृजन और उत्पादन की शान पर तराशा जाए। गाँव को प्रयोगशाला क्यों कहा गया है?

आज जब भी कोई गाँव का नाम लेता है तो एक अलग ही छवि उभरती है। वह छवि कहती है कि वहाँ गरीबी है। वहाँ अशिक्षा और अज्ञान है। वहाँ अंध-विश्वास है। गंदगी है। बीमारी है। हमें विचार करना है कि सच क्या है? क्या हमारे गाँव ऐसे ही थे जैसे आज हैं? आज जो गाँवों का दुर्दशा हुई है उसके लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों की पड़ताल करते हुए हमें नई समझ बनानी है तथा गाँवों के सही स्वरूप की पहचान करनी है। वैसे यह खुदा का शुक्र है कि गाँवों पर कई तरह के आक्रामक दुष्प्रभावों के बावजूद उनका मूल स्वरूप नहीं बदलता है। जो दूरस्थ गाँव हैं-- शहर के पड़ोस से दूर उनकी निजता तो खासी बची हुई है। ऐसी स्थिति में हमारा दायित्व, एक शिक्षित समाज का दायित्व क्या बनता है? हमें विचार करना है। मंगर ऐसा कोई भी विचार गाँवों को आँखों से देखे बिना, स्वयं देख कर समझे बिना नहीं किया जा सकता! तो हमें अपनी फर्स्ट हैंड समझ बनाने के लिए गाँव चलना है। अपने मूल स्वरूप में गाँव एक वेधशाला है। एक विद्याशाला है। गाँच वेधशाला इसलिए है कि ज्ञान को रोज वहाँ कर्म की कसौटी पर कसा जाता है। आजमाया जाता है। जो ज्ञान कर्म की कसौटी पर खरा न उतरे तो उसे खारिज कर दिया जाता है। हर ज्ञान के होने की शर्त यह है वह सृजन और उत्पादन की शान पर तराशा जाए। अनुच्छेद के आधार पर कहा जा सकता है कि