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किसी कक्षा में 40 विद्यार्थी है, 16 इतिह...

किसी कक्षा में 40 विद्यार्थी है, 16 इतिहास लिया है किन्तु भूगोल नहीं और 26 ने इतिहास लिया है । कितने विद्यार्थियों ने भूगोल लिया है किन्तु इतिहास नहीं ?

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आपकी कक्षा में एक ऐसा विद्यार्थी है जिसकी श्रवण क्षमता पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है। इस विद्यार्थी के लिए आप

In a class, every student participated in one of the three activities i.e, folk song, kathak and quiz. 22% of the total students participated in folk songs. 25% of the remaining students participated in kathak. The remaining students participated in a quiz. What percentage of students participated in the quiz? एक कक्षा में सभी विद्यार्थियों ने किसी न किसी खेल - लोक गीत, कथक, प्रश्नोत्तरी में भाग लिया है| कुल विद्यार्थियों के 22 प्रतिशत ने लोक गीत में भाग लिया | बचे हुए विद्यार्थियों में से 25 प्रतिशत ने कथक में भाग लिया | बाकि विद्यार्थियों ने प्रश्नोत्तरी में | कितने प्रतिशत विद्यार्थियों ने प्रश्नीत्तरी में भाग लिया ?

In a batch of 68 students, 23 students do not participate in any of the two games i.e, cricket and squash. 17 students participate in cricket only, 24 students participate in cricket and squash. How many students participate in squash only? एक 68 विद्यार्थियों के दल में 23 विद्यार्थी क्रिकेट और स्काश दोनों में से किसी भी खेल में हिस्सा नहीं लेते | 17 विद्यार्थी केवल क्रिकेट में भाग लेते है, 24 विद्यार्थी दोनों खेलों में भाग लेते है | कितने विद्यार्थी केवल स्क्वाश में भाग लेते है ?

क्या इंडिया ने खोज लिया है प्लास्टिक बोतल का विकल्प

आदमी की तलाश'-यह स्वर अक्सर सुनने को मिलता है। यह भी सुनने को मिलता है कि आज आदमी, आदमी नहीं रहा। इन्हीं स्थितियों के बीच दार्शनिक राधाकृष्णन की इन पंक्तियों का स्मरण हो आया-'हमने पक्षियों की तरह उड़ना और मछलियों की तरह तैरना तो सीख लिया है, पर मनुष्य की तरह पृथ्वी पर चलना और जीना नहीं सीखा। जिंदगी के सफर में नैतिक और मानवीय उद्देश्यों के प्रति मन में अटूट विश्वास होना जरूरी है। कहा जाता है कि आदमी नहीं चलता, उसका विश्वास चलता है। आत्मविश्वास सभी गुणों को एक जगह बाँध देता है, यानि कि विश्वास की रोशनी में मनुष्य का संपूर्ण व्यक्तित्व और आदर्श उजागर होता है। गेटे की प्रसिद्ध उक्ति है कि जब कोई आदमी ठीक काम करता है, तो उसे पता तक नहीं चलता कि वह क्या कर रहा है, पर गलत काम करते समय उसे हर क्षण यह ख्याल रहता है कि वह जो कर रहा है, वह गलत है। गलत को गलत मानते हुए भी इंसान गलत किए जा रहा है। इसी कारण समस्याओं एवं अंधेरों के अंबार लगे हैं। लेकिन ऐसा ही नहीं है। कुछ अच्छे लोग भी है। ऐसे लोगों ने नैतिकता और सच्चरित्रता का खिताब ओढ़ा नहीं, उसे जीकर दिखाया। वे भाग्य और नियति के हाथों खिलौना बनकर नहीं बैठे, स्वयं के पसीने से अपना भाग्य लिखा। महात्मा गांधी ने इसीलिए कहा कि हमें वह परिवर्तन खुद बनना चाहिए जिसे हम संसार में देखना चाहते हैं। जरूरत है कि हम दर्पण जैसा जीवन जीना सीखें। उन सभी खिड़कियों को बंद कर दें, जिनसे आने वाली गंदी हवा इंसान को इंसान नहीं रहने देती। मनुष्य के व्यवहार में मनुष्यता को देखा जा सके, यही 'आदमी की तलाश' है। 'मन में अटूट विश्वास होना जरूरी है।' उपर्युक्त वाक्य में 'अटूट' से है

आदमी की तलाश'-यह स्वर अक्सर सुनने को मिलता है। यह भी सुनने को मिलता है कि आज आदमी, आदमी नहीं रहा। इन्हीं स्थितियों के बीच दार्शनिक राधाकृष्णन की इन पंक्तियों का स्मरण हो आया-'हमने पक्षियों की तरह उड़ना और मछलियों की तरह तैरना तो सीख लिया है, पर मनुष्य की तरह पृथ्वी पर चलना और जीना नहीं सीखा। जिंदगी के सफर में नैतिक और मानवीय उद्देश्यों के प्रति मन में अटूट विश्वास होना जरूरी है। कहा जाता है कि आदमी नहीं चलता, उसका विश्वास चलता है। आत्मविश्वास सभी गुणों को एक जगह बाँध देता है, यानि कि विश्वास की रोशनी में मनुष्य का संपूर्ण व्यक्तित्व और आदर्श उजागर होता है। गेटे की प्रसिद्ध उक्ति है कि जब कोई आदमी ठीक काम करता है, तो उसे पता तक नहीं चलता कि वह क्या कर रहा है, पर गलत काम करते समय उसे हर क्षण यह ख्याल रहता है कि वह जो कर रहा है, वह गलत है। गलत को गलत मानते हुए भी इंसान गलत किए जा रहा है। इसी कारण समस्याओं एवं अंधेरों के अंबार लगे हैं। लेकिन ऐसा ही नहीं है। कुछ अच्छे लोग भी है। ऐसे लोगों ने नैतिकता और सच्चरित्रता का खिताब ओढ़ा नहीं, उसे जीकर दिखाया। वे भाग्य और नियति के हाथों खिलौना बनकर नहीं बैठे, स्वयं के पसीने से अपना भाग्य लिखा। महात्मा गांधी ने इसीलिए कहा कि हमें वह परिवर्तन खुद बनना चाहिए जिसे हम संसार में देखना चाहते हैं। जरूरत है कि हम दर्पण जैसा जीवन जीना सीखें। उन सभी खिड़कियों को बंद कर दें, जिनसे आने वाली गंदी हवा इंसान को इंसान नहीं रहने देती। मनुष्य के व्यवहार में मनुष्यता को देखा जा सके, यही 'आदमी की तलाश' है। 'आदमी आदमी नहीं रहा'- कथन का भाव है

आदमी की तलाश'-यह स्वर अक्सर सुनने को मिलता है। यह भी सुनने को मिलता है कि आज आदमी, आदमी नहीं रहा। इन्हीं स्थितियों के बीच दार्शनिक राधाकृष्णन की इन पंक्तियों का स्मरण हो आया-'हमने पक्षियों की तरह उड़ना और मछलियों की तरह तैरना तो सीख लिया है, पर मनुष्य की तरह पृथ्वी पर चलना और जीना नहीं सीखा। जिंदगी के सफर में नैतिक और मानवीय उद्देश्यों के प्रति मन में अटूट विश्वास होना जरूरी है। कहा जाता है कि आदमी नहीं चलता, उसका विश्वास चलता है। आत्मविश्वास सभी गुणों को एक जगह बाँध देता है, यानि कि विश्वास की रोशनी में मनुष्य का संपूर्ण व्यक्तित्व और आदर्श उजागर होता है। गेटे की प्रसिद्ध उक्ति है कि जब कोई आदमी ठीक काम करता है, तो उसे पता तक नहीं चलता कि वह क्या कर रहा है, पर गलत काम करते समय उसे हर क्षण यह ख्याल रहता है कि वह जो कर रहा है, वह गलत है। गलत को गलत मानते हुए भी इंसान गलत किए जा रहा है। इसी कारण समस्याओं एवं अंधेरों के अंबार लगे हैं। लेकिन ऐसा ही नहीं है। कुछ अच्छे लोग भी है। ऐसे लोगों ने नैतिकता और सच्चरित्रता का खिताब ओढ़ा नहीं, उसे जीकर दिखाया। वे भाग्य और नियति के हाथों खिलौना बनकर नहीं बैठे, स्वयं के पसीने से अपना भाग्य लिखा। महात्मा गांधी ने इसीलिए कहा कि हमें वह परिवर्तन खुद बनना चाहिए जिसे हम संसार में देखना चाहते हैं। जरूरत है कि हम दर्पण जैसा जीवन जीना सीखें। उन सभी खिड़कियों को बंद कर दें, जिनसे आने वाली गंदी हवा इंसान को इंसान नहीं रहने देती। मनुष्य के व्यवहार में मनुष्यता को देखा जा सके, यही 'आदमी की तलाश' है। 'जरूरत है कि हम दर्पण-जैसा जीवन जीना सीखें।' रचना की दृष्टि से उपर्युक्त वाक्य है।

Among 160 players in a tournament, 57 did not participate in any of the three games, i.e. Cricket , Hockey and Badminton. A total of 37 players participated in only one game, 10 players participated in both Cricket and Hockey but not in badminton , 9 players participated in both Hockey and Badminton but not in Cricket , and 13 players participated in both Cricket and Badminton but not in Hockey. How many students participated in all the three games? एक प्रतियोगिता में 160 खिलाड़ियों में से, 57 खिलाड़ियों ने तीन खेलों अर्थात क्रिकेट, हॉकी तथा बैडमिंटन में से किसी में भी भाग नहीं लिया | कुल 37 खिलाड़ियों ने केवल एक खेल में भाग लिया | 10 खिलाड़ियों ने क्रिकेट तथा हॉकी दोनों में भाग लिया लेकिन बैडमिंटन में भाग नहीं लिया | 9 खिलाड़ियों ने हॉकी तथा बैडमिंटन दोनों में भाग लिया लेकिन क्रिकेट में भाग नहीं लिया | 13 खिलाड़ियों ने क्रिकेट तथा बैडमिंटन दोनों में भाग लिया लेकिन हॉकी में नहीं | सभी तीन खेलों में कितने छात्रों ने भाग लिया ?