2 किग्रा द्रव्यमान की कोई वस्तु 10 मीटर/सेकण्ड के वेग से गति कर रही है। वस्तु का संवेग बताइये। उस अचर बल के मान की भी गणना कीजिये जो उस वस्तु पर 10 मीटर की दूरी तक लगने पर इसके वेग को शून्य कर दे।
2 किग्रा द्रव्यमान की कोई वस्तु 10 मीटर/सेकण्ड के वेग से गति कर रही है। वस्तु का संवेग बताइये। उस अचर बल के मान की भी गणना कीजिये जो उस वस्तु पर 10 मीटर की दूरी तक लगने पर इसके वेग को शून्य कर दे।
Similar Questions
Explore conceptually related problems
एक 5 kg द्रव्यमान वाली वस्तु पर 2s के लिये एक नियत बल कार्यरत होता है। यह वस्तु के वेग को 3m/s से बढा 7m/s कर देता है। लगाये गये बल की मात्रा ज्ञात करें
Revision|किसी ऊँचाई से, यदि वस्तु ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर कुछ प्रारम्भिक वेग से फेंकी जाये |गति के समीकरण |किसी ऊँचाई से यदि किसी वस्तु को गिराया जाये (प्रारम्भिक वेग शून्य)|किसी ऊँचाई से, यदि वस्तु ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर कुछ प्रारम्भिक वेग से फेंकी जाये |वस्तु की वायु की उपस्थिति मे गति |प्रश्न |OMR|Summary
Anil bought two articles A and B at a total cost of ₹ 10,000. He sold the article A at 15% profit and the article B at 10% loss. In the whole deal, he made no profit or no loss. Find the selling price of the article A. अनिल ने ₹ 10,000 की कुल कीमत पर दो वस्तुओं A और B को क्रय किया। उसने वस्तु A को 15% लाभ पर और वस्तु B को 10% हानि पर बेचा। पूरे सौदे म, उसने कोई लाभ नही कमाया और न ही कोई नुकसान आ। वस्तु A के विक्रय मूल्य का पता लगाएं।
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरित्र का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। रसास्वादन की अनुभूति का बोध होता है
A shopkeeper increases the price of an object by 40% and then sells it at 25% discount on the marked price. If the selling price of such an object be Rs. 2100, 1its cost price for the shopkeeper was? कोई दुकानदार किसी वस्तु को कीमत 40% बढ़ा देता है और फिर उसे अंकित कीमत पर 25% की छूट दे कर बेचता है। यदि उस वस्तु का विक्रय मूल्य 2100 रू हो तो बताइए दुकानदार के लिए उस वस्तु का क्रय मूल्य क्या था?
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरत्रि का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। सौन्दर्य की परख की जाती है
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरत्रि का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। कवि जयदेव का 'वसन्त चित्रण' सुन्दर है, पर मनोहर नही, क्योंकि
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरत्रि का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। कालिदास के प्रकृति वर्णन का आधार है
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरत्रि का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। ऊपर दिए गए गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक है
Recommended Questions
- 2 किग्रा द्रव्यमान की कोई वस्तु 10 मीटर/सेकण्ड के वेग से गति कर रही है...
Text Solution
|
- एक 5 मीटर का लड़का 2 मीटर त्रिज्या के क्षैतिज व्रत में एक प्रथर को डोरी...
Text Solution
|
- मुक्त पतन में वस्तु की गति | आपेक्षिक वेग
Text Solution
|
- समतल सतह पर वस्तु की गति -2
Text Solution
|
- आनत तल पर वस्तु की गति
Text Solution
|
- समतल घर्षण वाले सतह पर वस्तु की गति -2
Text Solution
|
- आनत घर्षण वाले तल पर वस्तु की गति -2
Text Solution
|
- मुक्त पतन में वस्तु की गति | आपेक्षिक वेग
Text Solution
|
- घर्षण कोण | समतल सतह पर वस्तु की गति | आनत तल पर वस्तु की गति
Text Solution
|