Home
Class 10
PHYSICS
एक वस्तु पर 20 N बल लगाने पर वह 10 m ...

एक वस्तु पर 20 N बल लगाने पर वह 10 m विस्थापित हो जाती है | किये गये कार्य की गणना कीजिये |

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

After offering a discount of 20% on an article, a trader earned a profit of 20%. If the cost price is Rs300, then what will be the selling price of the article after offering a discount of 25%? एक वस्तु पर 20% की छूट देने के बाद, एक व्यापारी को 20% का लाभ होता है | यदि क्रय मूल्य 300 रुपये है, तो 25% की छूट देने के बाद इस वस्तु का विक्रय मूल्य क्या होगा ?

A shopkeeper allows a discount of 20% on an article and still makes a profit of 25%. What does he pay for an article whose marked price is ₹ 800? एक दुकानदार एक वस्तु पर 20% की छूट देता है और फिर भी 25% का लाभ कमाता है। वह उस वस्तु के लिये कितना भुगतान करता है जिसका अंकित मूल्य ₹ 800 है|

The price of a commodity is increased by 36% and the quantity purchased is decreased by 30%. What is the percentage increase/decrease in the amount spent on the commodity? एक वस्तु की कीमत 36% बढ़ जाती है और खरीदी गयी मात्रा 30% कम हो जाती है | इस वस्तु पर खर्च की गयी राशि में प्रतिशत वृद्धि या कमी ज्ञात करें |

Three successive discounts of 20%, 20% and 30% are offered on an article. If the marked price of the article is Rs750, then what will be selling price? एक वस्तु पर 20%, 20% और 30% की तीन क्रमिक छूट दी जाती है | यदि वस्तु का अंकित मूल्य 750 रुपये है, तो विक्रय मूल्य क्या होगा ?

An article is sold for Rs 810 at a loss of 10%. What should be the selling price if the loss is 20%? एक वस्तु 10% की हानि पर 810 रुपये में बेची जाती है | यदि हानि 20% है, तो विक्रय मूल्य कितना होना चाहिए ?

Two articles are purchased on the same price. One is sold at a profit of 20% while the other is sold at a loss of 10%. What is the total percentage of profit/loss ? दो वस्तुएं समान कीमत पर खरीदी जाती है | एक वस्तु को 20% लाभ पर बेचा जाता है और दूसरे को 10% हानि पर बेचा जाता है | कुल लाभ/हानि प्रतिशत है:

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। 'न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण बल की खोज की वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए!