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Class 10
BIOLOGY
खाद्य पदार्थों में मिलावट व उनके दुष्प्र...

खाद्य पदार्थों में मिलावट व उनके दुष्प्रभावों का उल्लेख कीजिए।

लिखित उत्तर

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किसी भी खाद्य पदार्थ में कोई भी रासायनिक या बाहरी अन्य ज मिलाने से उसकी गुणवत्ता में कमी आ जाती है, तो उस खाद्य पदार्थ को मिलावटयुक्त पदार्थ कहा जाता है। जैसे दूध में पानी या यरिया मिलाना. सालों में बुरादा रंग आदि मिलाना। इस प्रकार के मिलावटी पदार्थ में षिक तत्व नष्ट हो जाते हैं। कभी-कभी अनुचित तरीके से संग्रहित किए गये ज्य पदार्थों से भी पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसके अलावा आजकल कोल्डड्रिंक्स का उपयोग बहुत ज्यादा होने लगा है। इसमें 0.4 पी.पी.एस. सीसा डाला जाता है जो स्नायु, मस्तिष्क, गुर्दा, लिवर और मांसपेशियों के लिए घातक है। इसमें मिली अधिक केफीन की मात्रा अनिद्रा और सिरदर्द की समस्या उत्पन्न करती है।
कोल्डड्रिंक में पाया जाने वाला फास्फोरिक अम्ल दाँतों के लिए हानिकारक होता है। कोल्डड्रिंक में उपस्थित लीडेन, DDT, क्लोरपाइरीफॉस व मेलेथियन से कैंसर, स्नायु व प्रजनन तन्त्र से सम्बन्धित रोग तथा प्रतिरक्षातन्त्र की क्षीणता जैसे विकार उत्पन्न हो जाते हैं। बोरिक, बैंजोइल अम्ल एवं एरिथोरबिक की उपस्थिति के कारण एसिडिटी एवं हड्डियों के विकास में अवरोध उत्पन्न हो जाता है।
चायपत्ती में. कृत्रिम रंग, लौह चूर्ण तथा प्रयोग हो चुकी चाय की पत्तियों का पाउडर मिलाया जाता है। इससे आहार तंत्र तथा पाचन तंत्र प्रभावित होते हैं। काली मिर्च में पपीते के बीजों का मिश्रण किया जाता है। दूध में सफेद रंग, पानी, यूरिया, अपमर्जक आदि मिलाकर बेचा जाता है। लाल मिर्च पाउडर में लाल रंग, भूसा तथा ईंट और बालू का चूर्ण मिलाया जाता है। इससे यकृत, गुर्दे व तिल्ली प्रभावित होती हैं।
दालों में प्रायः खेसारी दाल की मिलावट की जाती है। खेसारी दाल में एक विशेष प्रकार का जहरीला रसायन होता है इसके सेवन से स्नायु कमजोर पड़ जाता है।
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