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Class 10
BIOLOGY
सृष्टि की उत्पत्ति की जैवकेन्द्रिकता की ...

सृष्टि की उत्पत्ति की जैवकेन्द्रिकता की अवधारणा समझाइये। भौतिक अवधारणा तथा इसमें प्रमुख अन्तर क्या है?

लिखित उत्तर

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सृष्टि की उत्पत्ति की जैवकेन्द्रिकता की अभिधारणा
उनोबल पुरस्कार प्राप्त चिकित्साशास्त्री राबर्ट लान्जा ने खगोलशास्त्री बोब बर्मन के साथ 2007 में जैव केन्द्रिकता की अभिधारणा प्रस्तुत की। इस अवधारणा के अनुसार सृष्टि का अस्तित्व जीवन के कारण है। जीवन के सृजन एवं विकास के लिये ही विश्व की रचना हुई है। अत: चेतना ही सृष्टि के स्वरूप को समझने का सच्चा मार्ग हो सकती है। बिना चेतना के विश्व की कल्पना नहीं की जा सकती है। जगत में जीव निश्चित व अनिश्चित इच्छा का प्रदर्शन स्वतंत्र रूप से करता रहता है। इसे जैवकेन्द्रिकता द्वारा ही समझा जा सकता है। यह अभिधारणा पूर्णतः चेतना केन्द्रित है।
भौतिक अवधारणा और जैवकेन्द्रिकता की अवधारणा में प्रमुख अन्तर
भौतिक अवधारणा के अनुसार आकस्मिक घटनाओं के आधार पर कं जैव विकास होता है, जैसाकि डार्विन सिद्धान्त बताता है।
जैव केन्द्रिकता की अवधारणा डार्विन के सिद्धान्त से सहमत नहीं है। इसके अनुसार जीवन भौतिक शास्त्र व रसायन शास्त्र की किसी दुर्घटना का वे परिणाम नहीं हो सकता।
भौतिक अवधारणा के अनुसार आइन्स्टीन के सापेक्षवाद के अन्तर्गत ई स्थान व समय की अवधारणा का भौतिक अस्तित्व है, जबकि जैव केन्द्रिकता के की अवधारणा के अनुसार इनका कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है।
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