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Class 12
PHYSICS
इलेक्ट्रॉन नाभिक के अन्दर क्यों नहीं रह ...

इलेक्ट्रॉन नाभिक के अन्दर क्यों नहीं रह सकता ?

लिखित उत्तर

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यदि इलेक्ट्रॉन को नाभिक के अन्दर रहना है तो इसका दे ब्रोग्ली तरंगदैर्घ्य `lambda `नाभिकीय व्यास , जो `10^(-14)m` कोटि का है से बड़ा नहीं होना चाहिए।
दे ब्रोग्ली परिकल्पना के अनुसार
` p = h/lambda = (6.63 xx10^(-34)"Js")/(10^(-14)m)`
या `p = 6.63 xx10^(-20) ` kg m/s
ऊर्जायुक्त इलेक्ट्रॉनों के लिए
`E = pc = (6.63 xx10^(-20)kg m//s) (3xx10^(8) m//s)`
`= 2xx10^(-11) J = 125 MeV ` ( क्योंकि 1 MeV `= 1.6 xx10^(-19)J`)
इस प्रकार नाभिक के अन्दर रहने के अन्दर इलेक्ट्रॉन की कम से कम ऊर्जा 125 MeV होनी चाहिए । यह ऊर्जा उस बन्धन ऊर्जा से कही बड़ी है जो कुलॉम बल , नाभिक के अन्दर उपलब्ध करवा सकता है । इसके अतिरिक्त प्रायोगिक रूप से यह पाया जाता है की रेडियोसक्रिय नाभिको द्वारा उत्सर्जित `beta - ` किरणों ( इलेक्ट्रॉनों ) 2 की 3 MeV ऊर्जा से की कोटि की होती है । इस प्रकार इलेक्ट्रॉन नाभिक के अन्दर नहीं रह सकते।
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