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Class 10
PHYSICS
440 वोल्ट व 5 ऐम्पियर धारा का मोटर ...

440 वोल्ट व 5 ऐम्पियर धारा का मोटर 40 मिनट तक 80 % वैधुत ऊर्जा को यान्त्रिक ऊर्जा में बदल देता है , वह कितने किलोग्राम जल 60 मीटर ऊपर चढ़ा देगा ( g =10 मीटर / सेकण्ड`""^(2 )` )

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A man can row a boat in still water at a speed of 5 m/s. He covers a stretch of 200 m in a river downstream during high and low tides in 10 s and 25 s respectively. What is the ratio of the speed (in m/s) of the water flowing in the river during high and low tides? एक व्यक्ति अपनी नाव स्थिर जल में 5 मी/सेकंड की चाल से चलाता है | वह धारा के अनुकूल उच्च और निम्न ज्वार में नदी में 200 मी का एक पड़ाव क्रमशः 10 सेकंड और 25 सेकंड में पार करता है | उच्च तथा निम्न ज्वार के दौरान नदी में बहने वाले पानी की चाल ( मीटर/सेकंड ) में अनुपात ज्ञात करें |

जड़त्व के चैतन्य के साथ लगातार रहवासी बनकर पुल स्वयं चैतन्यमय हो उठता है प्राकृतिक जड़ भी अपनी अंतवर्ती चेतना में प्राणवान है मनुष्य द्वारा निर्मित पुरातत्व भी प्रकृति के इन्ही है प्राणो से मिलकर उसके साहचर्य के परिणाम स्वरूप कालांतर में प्रकृति में ही तब्दील हो जाता है। प्रकृति , जो ऊपर से जड़ दिखती है वह अपनी गतिशील उपस्थिति में सक्रीय और जीवट है। पहाड़ , नदी , निर्झर , पेड़ , गलम , वीरुघि सभी जड़ प्राकृति के चैतन्य अंश से लबालब है इनकी गतिमीयता , इनकी परिवर्तनशीलता कभी - कभी अलक्षित रहकर भी अपनी जीवंतता को प्रमाणित करती रहती है इसी जीवंतता के साथ मनुष्यकृत किले , पुल , मंदिर अपनी दीर्घयात्रा में प्रकृति गतिशील अंग बन जाते है। नदी की गतिशील भंगिमाओं , नदी की बदलती छवियों , नदी की जिवंत हरकतों के बीच बरसो से खड़ा पुल अपनी लखोरी ईंटो में अनंत सुर्यास्तो की लालिमा से रंजीत मात्र एक दृश्य नहीं रह जाता है। उसके व्यक्तित्व की रक्तिम आभा सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक न जाने कितने शेड्स में बदलकर उसे प्रकृति का हिस्सा बना देती है उसे अनंत रंग - स्पन्दों में बदल देती है नदी के बरजोर प्रवाह से निरंतर होड़ लेती आदि धार में कड़ी अपना प्रतिबिम्ब झांकती पुल की मेहराबे , तिकोने अनियारे दृढ़व्रती स्तम्भ और पुल के अंतराल में अनुगूँज भर्ती लहरों की लीला -ध्वनियाँ पुल को महज चुना , ईंट , रेत, पत्थर , लोहा और अन्य पार्थिव वस्तुओ का संपुंजित सायुज्य नहीं रहने देती है। कालांतर में पुल प्रकृति में तब्दील होकर चैतन्य में अपनी संवेदना -प्रणाली का भाव -विस्तार बनकर विराट जीवन की स्पंदित फांक बन जाता है। ऐसे में पुल केवल यात्राओं का साधन नहीं रहता है , वह अनेक सांस्कृतिक यात्राओं की बिम्बधमी फ्लापी नदी के विस्तृत मॉनिटर -पॉट के लहरीले स्क्रीन पर अनेक दृशय इबारते लिखता रहता है। नदी की धारा में अपना प्रतिबिम्ब कौन निहारती है ?

To do a certain work, the ratio of efficiency of A to that of B is 3:7.Working together, they can complete the work in 10 1/2 days. They work together for 8 days. 60% of the remaining work will be completed by A alone in : किसी कार्य को करने में, A की कार्य क्षमता तथा 8 की कार्य क्षमता का अनुपात 3: 7 है | एक साथ कार्य करते हुए, वे इस कार्य को 10 1/2 दिनों में कर सकते हैं | वे 8 दिनों तक साथ कार्य करते हैं | शेष कार्य का 60% हिस्सा A अकेले कितने दिनों में पूरा करेगा ?