2 मीटर लम्बी डोरी से बंधे पत्र को उर्धव व्रत में घूम,आया है । व्रत के निम्नतम बिंदु पर आवशयक न्यूनतम चा, जिससे की पत्थर व्रत को पूरा क्र ले होगी ( g = 9.8 मीटर/सेकण्ड`""^2`) :
2 मीटर लम्बी डोरी से बंधे पत्र को उर्धव व्रत में घूम,आया है । व्रत के निम्नतम बिंदु पर आवशयक न्यूनतम चा, जिससे की पत्थर व्रत को पूरा क्र ले होगी ( g = 9.8 मीटर/सेकण्ड`""^2`) :
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Centre of two concentric circles is O. The area of two circles is 616cm^2 and 154 cm^2 respectively. A tangent is drawn through point A on the larger circle to the smaller circle. This tangent touches small circle at B and intersects larger circle at C. What is the length (in cm) of AC? दो संकोंद्रत वृत्त का केन्द्र O है| दोनों वृत्तों का क्षेत्रफल 616 सेमी.^2 तथा- 154 सेमी.^2 है। बडे वृत्त के बिंदु A से छोटे वृत्त पर एक स्पर्श-रेखा खोची गई है यह स्पर्श रेखा छोटे वृत्त को बिंदु B पर स्पर्श करती है तथा बड़े वृत्त को बिंदु C पर प्रतिच्छेद करती है । AC की लम्बाई (सेमी. में) क्या है?
Three horses are tethered at 3 corners of a triangular plot of land having sides 20m, 30m and 40m each with a rope of length 7m. The area (in m^2 ) of the region of this plot, which can be grazed by the horses, is Use : ( pi =22/7) तीन घोड़ो में से प्रत्येक को एक 7 मीटर लम्बी रस्सी के द्वारा 20 मीटर, 30 मीटर तथा 40 मीटर भुजाओं वाले त्रिभुजाकार भूखंड के एक-एक कोने पर खूंटे से बाँधा गया है। भूखंड के उस क्षेत्र को, जिस पर घोड़े चर सकते हैं, का क्षेत्रफल (वर्ग मीटर में) है? ( pi =22/ 7)
A man can row a distance of 900 meters against the stream in 12 minutes and returns to the starting point in 9 minutes. What is the speed (in km/h) of the man in still water ? / एक व्यक्ति धारा के विपरीत 900 मीटर की दूरी नाव से 12 मिनट में तय करता है तथा आरंभिक बिंदु पर 9 मिनट में पहुँचता है | स्थिर जल में व्यक्ति की चाल (किमी/घंटा में ) कितनी होगी ?
A hemispherical dome is open from its base and is made up of iron. Thickness of dome is 3.5 meter. Total cost of painting dome's outer curved surface is Rs 2464. If the rate of painting is Rs 8 per meter^2 , then what is the volume (in meter^3 ) of iron used in making the dome ? एक अर्धगोलाकार गुम्बद अपने आधार से खुला है तथा लोहे से बना है। गुम्बद को मोटाई 3.5 मीटर है। गुम्बद के बाहर की वक्रीय सतह को पेंट करने में कुल 2464 रूपये का खर्चा होता है। यदि पेंटिंग की दर 8 रूपये प्रति मीटर^2 है, तो गुम्बद को बनाने में प्रयोग हुए लोहे का आयतन ( मीटर^3 में) क्या होगा?
How much iron sheet (in m^2 ) will be needed to construct a rectangular tank measuring 10m × 8m × 6m , if a circular opening of radius one metre is to be left at the top of the tank? (correct to one decimal place) 10 मीटर 8 मीटर 6 मीटर विमाओं वाले आयताकार टैंक के निर्माण के लिए लोहे की कितनी शीट (वर्ग मीटर में ) की आवश्यकता होगी, अगर एक मीटर त्रिज्या वाला वृताकार मुख टैंक के शीर्ष पर छोड़ा जाना है?
From a point P, the angle of elevation of a tower is such that its tangent is 3/4. On walking 560 meters towards the tower the tangent of the angle of the elevation of the tower becomes 4/3. What is the height (in meters) of the tower? एक बिंदु P से, एक टावर की ऊँचाई का कोण ऐसा है कि इसकी स्पर्शरेखा 3/4 है। टॉवर को ओर 560 मीटर चलने पर टॉवर के ऊंचाई के कोण के स्पर्शरेखा 4/3 हो जाती है। मीनार की ऊँचाई (मीटर में) कितनी है?
The platform of a station 400 m long starts exactly where the last span of a bridge 1.2 km long ends. How long will a train 200 m long and travelling at the speed of 72 km/h take to cover the distance between the starting point of the span of the bridge and the far end of the platform? किसी स्टेशन का 400 मीटर लंबा प्लेटफ़ॉर्म ठीक वहीं से शुरू होता है जहाँ 1.2 किमी लंबे पुल का अंतिम पाट समाप्त होता है | 72 किमी/घंटा की चाल से चल रही 200 मीटर लंबी एक ट्रेन को पुल के पाट के आरंभिक बिंदु तथा प्लेटफ़ॉर्म के अंतिम बिंदु तक जाने में कितना समय लगेगा ?
बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति बौद्ध शिक्षा पद्धति के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?
बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति प्रस्तुत गद्यांश का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक निम्नलिखित में से क्या हो सकता है?
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