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Class 12
CHEMISTRY
निम्नलिखित मे धातु क्रिस्टल मे संकुलन क्...

निम्नलिखित मे धातु क्रिस्टल मे संकुलन क्षमता की गणना कीजिये।
1 सरल घनिए
2. अंत: केंद्रित घनिए
3. फलक-केंद्रित घनिए

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संकुलन क्षमता|Primitive प्रकार की इकाई कोशिका|फलक केंद्रित इकाई कोशिका|अंतः केंद्रित इकाई कोशिका

निम्नलिखित काव्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो...1 उसको क्या जो दंतहीन, विषरहित, विनीत सरल हो...2 तीन दिवस तक पंथ माँगते रघुपति सिंधु किनारे...3 बैठे पढ़ते रहे छनद अनुनय के प्यारे-प्यारे...4 उत्तर में जब एक नाद भी उठा नहीं सागर से...5 उठी अधीर धधक पौरुष की आग राम के शर से...6 सिंधु देह धर त्राहि-त्राहि करता आ गिरा शरण में...7 चरण पूज दासता ग्रहण की बँधा मूढ़ बंधन में...8 सच पूछो तो शर में ही बसती है दीप्ति विनय की...9 संधिवचन संपूज्य उसी का जिसमें शक्ति विजय की...10 निम्नलिखित में कौन अव्यय का प्रकार नहीं है?

निम्नलिखित काव्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो...1 उसको क्या जो दंतहीन, विषरहित, विनीत सरल हो...2 तीन दिवस तक पंथ माँगते रघुपति सिंधु किनारे...3 बैठे पढ़ते रहे छनद अनुनय के प्यारे-प्यारे...4 उत्तर में जब एक नाद भी उठा नहीं सागर से...5 उठी अधीर धधक पौरुष की आग राम के शर से...6 सिंधु देह धर त्राहि-त्राहि करता आ गिरा शरण में...7 चरण पूज दासता ग्रहण की बँधा मूढ़ बंधन में...8 सच पूछो तो शर में ही बसती है दीप्ति विनय की...9 संधिवचन संपूज्य उसी का जिसमें शक्ति विजय की...10 कर्ता के साथ 'ने' कारक चिह्न युक्त वाक्य में

निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये, मेले की भीड़ में उस छह वर्षीय बालक मे न जाने वो कौनसी बात थी जो गुजरते लोगों का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट कर लेता था। उम्र की कमी को नकारता वह अपने खिलौने की तारीफ में बड़ा सा दहाड़ रहा था। मैं जब उसके पास गई तो उसने आशाभरी निगाहों से देखा और नन भाव से कहा "दीदी खिलौने ले लो न, अच्छे हैं, सस्तेहैं, टिकाऊ भी। मेरा ध्यान अनायास ही उसके खिलौने से ज्यादा उसपर __ केंद्रित हो गया, जो हमउन बच्चों से अलग खिलौने से ज्यादा खरीदारोंको घूर रही थी। मैंने जैसे ही पूछा तुम दशहरा घूमने नहीं जाओगे? अपनी व्यस्तता से क्षणभर रूककर कहा- मैं चला गया तो उसका क्या होगा? इतना कहते हुए उसने मेले के कोने की ओर इशारा किया जहाँ एक शिशु कपड़े के झूले में लटकाया हुआ था। बच्चे ने जल्दबाजी में कहा" बस कुछ खिलौने बचे हुए हैं उन्हें बेचकर पैसे ले लूँ। मेले का क्या है अब तो हर दिन दशहरा है, अगर जेब में पैसे हों। मैनें पछा आपका नाम क्या है? अपनी मस्कान और बालपन से इतराता हुआ बोला-शिशु। 'मैनें कहा तेरा नाम तो "सयाना" होना चाहिए। बच्चे की मेला न घूमने की असमर्थता क्या थी?