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एक गुणोत्तर श्रेणी को ज्ञात कीजिए, जिसके...

एक गुणोत्तर श्रेणी को ज्ञात कीजिए, जिसके प्रथम दो पदों का योगफल -4 है तथा 5 वां पद तृतीय पद का 4 गुना है।

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उदाहरण|गुणोतर श्रेणी |गुणोत्तर श्रेणी का व्यापक पद|गुणोत्तर श्रेणी का योगफल|गुणोत्तर श्रेणी का गुणधर्म |उदाहरण|OMR

गुणोत्तर श्रेणी|गुणोत्तर श्रेणी का व्यापक पद |उदाहरण |गुणोत्तर श्रेणी के n पदों का योग |उदाहरण |OMR|Summary

Geometric Progression (गुणोत्तर श्रेणी)|Sum Of n Terms (n पदों का योग)|∞ Terms Sum (∞ पद का योग)|Question (प्रश्न)|Concept (संकल्पना)|Question (प्रश्न)|Special Series (विशेष श्रृंखला)|Harmonic Progression (हरात्मक श्रेढ़ी)|OMR

F1, F2, F3, F4 and F5 are sitting on a bench. F4 sits to the immediate left of F2. F3 sits to the immediate right of F5. F1 is sitting at one of the corners and F2 has only one neighbour. Then who among the following friends is sitting in the middle with two friends at both the ends? F1, F2, F3, F4 तथा F5 एक बेंच पर बैठे है| F4, F2 के तुरंत बाएं को बैठा है| F3, F5 के तुरंत दायें को है| F1 किसी एक छोर पर है तथा F2 का केवल एक ही पड़ोसी है| बीच में कौन बैठा है जिसके दोनों तरफ दो-दो मित्र हैं ?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 16 भाग्यवाद आवरण पाप का और शस्त्र शोषण का जिससे दबाता एक जन भाग दूसरे जन का पूछो किसी भाग्यवादी से यदि विधि अंक प्रबल है, पद पर क्यों देती न स्वयं वसुधा निज रतन उगल है? उपजाता क्यों विभव प्रकृति को सींच-सींच वह जल से क्यों न उठा लेता निज सचित अर्थ पाप के बल से, और भोगता उसे दूसरा भाग्यवाद के छल से। नर समाज का भाग्य एक है वह श्रम, वह भुज-बल है। जिसके सम्मुख झुकी हुई है। पृथ्वी, विनीत नभ-तल है। नर समाज का भाग्य क्या है?