NCERT HINDI-तत्वों के निष्कर्षण के सिद्धांत एवं प्रक्रम -अभ्यास
- फेन प्लवन विधि में अवनमक की क्या भूमिका है?
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- अपचयन द्वारा ऑक्साइड अयस्कों की अपेक्षा पाइराइट से ताँबे का निष्कर्षण ...
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- व्याख्या कीजिए - (1) मंडल परिष्करण ( 2 ) स्तंभ वर्णलेखिको
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- 673 K ताप पर C तथा CO मे से कौन सा अच्छा अपचायक है ?
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- कॉपर के बैद्युतअपघटन शोधन में ऐनोड पंक में उपस्थित सामान्य तत्वों के न...
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- आयरन (लोहे) के निष्कर्षण के दौरान वात्या भट्टी के विभिन्न क्षेत्रों मे...
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- जिंक ब्लेन्ड से जिंक के निष्कर्षण में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं क...
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- कॉपर के धातुकर्म में सिलिका की भूमिका समझाइए।
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- यदि तत्व सूक्ष्म मात्रा में प्राप्त हुआ हो तो शोधन की कौन-सी तकनीक अधि...
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- यदि किसी तत्व में उपस्थित अशुद्धियों के गुण तत्व से मिलते-जुलते हों तो...
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- निकैल-शोधन की विधि समझाझए।
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- सिलिका युक्त बॉक्साइट अयस्क में से सिलिका को ऐलुमिना से कैसे अलग करते ...
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- उदाहरण देते हुए भर्जन व निस्तापन में अंतर बताइए।
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- ढ़लवा लोहा कच्चे लोहे से किस प्रकार भिन्न होता है |
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- अयस्कों तथा खनिजो में अंतर स्पष्ट कीजिए।
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- कॉपर मेट को सिलिका की परत चढ़े हुए परिवर्तक में क्यों रखा जाता है?
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- ऐलुमिनियम के धातुकर्म में क्रायोलाइट की क्या भूमिका है?
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- निम्न कोटि के कॉपर अयस्कों के लिए निक्षालन क्रिया को कैसे किया जाता है...
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- Co का उपयोग करते हुए अपचयन द्वारा जिंक ऑक्साइड से जिंक का निष्कर्षण क्...
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- Cr2O3 के विरचन के लिए Delta(f) G^(ө) का मान - 540kJmol^(-1) है तथा Al2...
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