Home
Class 12
PHYSICS
15 सेमी ऊँची वस्तु एक पतले लेंस के प्रका...

15 सेमी ऊँची वस्तु एक पतले लेंस के प्रकाशिक केंद्र से 10 सेमी की दूरी पर रखी है। वस्तु का परिबिम्ब वस्तु की ओर प्रकाशित केंद्र से 10 सेमी की दूरी पर रखी है। वस्तु का प्रतिबिम्ब वस्तु की ओर प्रकाशित केंद्र से 25 सेमी की दूरी पर बनता है। प्रतिबिम्ब की ऊँचाई है

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

वस्तु द्वारा एकांक समय में तय की गयी दूरी क्या कहलाती है

यदि कोई वस्तु समतल दर्पण से 5cm दूर है तो वस्तु एवं प्रतिबम्ब के मध्य दूरी ज्ञात कीजिये

दूसरा परिभाषा | दीर्घवृत्त के केंद्र से नाभि की दूरी | नाभिकीय नियता

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरत्रि का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। सौन्दर्य की परख की जाती है

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरत्रि का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। कवि जयदेव का 'वसन्त चित्रण' सुन्दर है, पर मनोहर नही, क्योंकि

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरित्र का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। रसास्वादन की अनुभूति का बोध होता है

Revision|किसी ऊँचाई से, यदि वस्तु ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर कुछ प्रारम्भिक वेग से फेंकी जाये |गति के समीकरण |किसी ऊँचाई से यदि किसी वस्तु को गिराया जाये (प्रारम्भिक वेग शून्य)|किसी ऊँचाई से, यदि वस्तु ऊर्ध्वाधर ऊपर की ओर कुछ प्रारम्भिक वेग से फेंकी जाये |वस्तु की वायु की उपस्थिति मे गति |प्रश्न |OMR|Summary

Recommended Questions
  1. 15 सेमी ऊँची वस्तु एक पतले लेंस के प्रकाशिक केंद्र से 10 सेमी की दूरी ...

    Text Solution

    |

  2. एक बिंदु वस्तु एक काँच जिसका अपवर्तनांक (mu(s)=(3)/(2)) है, से बने 20...

    Text Solution

    |

  3. दो वृत्तों, जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः सेमी 1.7 और 2.8 सेमी की है, की ए...

    Text Solution

    |

  4. दो वृत्तों, जिनकी त्रिज्याएँ क्रमशः सेमी 1.7 और 2.8 सेमी की है ,की ए...

    Text Solution

    |

  5. एक समबाहु त्रिभुज की भुजाएँ 2 सेमी/से की दर से बढ़ रही है। क्षेत्रफल क...

    Text Solution

    |

  6. एक द्विध्रुव 10 सेमी लम्बा तथा आवेश 500 muC से बना है। इसके अक्ष से 25...

    Text Solution

    |

  7. यदि वृत्त के केंद्र से 3 सेमी. की दूरी पर स्थित जीवा की लम्बाई 8 सेमी....

    Text Solution

    |

  8. घर्षण कोण | समतल सतह पर वस्तु की गति | आनत तल पर वस्तु की गति

    Text Solution

    |

  9. एक लेंस 10 सेमी दूरी पर रखी वस्तु का तीन गुना बड़ा आभासी प्रतिबिम्ब बना...

    Text Solution

    |