Home
Class 12
BIOLOGY
अभिकथनः स्वयं-असंगतता एक जेनेटिक प्रक्रि...

अभिकथनः स्वयं-असंगतता एक जेनेटिक प्रक्रिया है जो स्व पराग कणों (समान पौधों के समान पुष्पों या दूसरे पुष्पों से) को बीजाण्डों को निषेचित करने के लिये रोकता है, जो स्त्रीकेसर में पराग अंकुरण या परागनलिका वृद्धि का विरोध करके सम्भव होता है।
तर्कः युग्मकोद्भिदीय स्वयं-असंगतता में असंगतता अभिक्रिया, पौधे के बीजाणुद्भिदीय ऊतक के जीनोटाइप द्वारा निर्धारित होती है, जिससे पराग व्युत्पन्न होते हैं |

A

अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं तथा तर्क, अभिकथन की सही व्याख्या करता है।

B

अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं लेकिन तर्क, अभिकथन की सही व्याख्या नहीं करता है।

C

अभिकथन सही है, लेकिन तर्क गलत है।

D

अभिकथन और तर्क दोनों गलत हैं।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
C

स्व असंगतता (अयोग्यता) निर्देशित करती है कि एक पुष्प के पराग उसी पुष्प (या समान पौधे के एक दूसरे पुष्प) के वर्तिकान पर अंकुरित होने में असमर्थ (अयोग्य) होते हैं। मेटिंग टाइप को सुनिश्चित करने वाले कारकों की उत्पत्ति के आधार पर स्व असंगतता को दो प्रकारों में वर्गीकृत किया है:
(i) युग्मकोद्भिदीय स्व असंगतता या अयोग्यता (GSI): असंगतता प्रक्रिया, नर युग्मकोद्भिद् (पराग) के जीनोटाइप द्वारा ज्ञात की जाती है, उदाहरण- लिलिएसी, पोएसी, सोलेनेसी।
(ii) बीजाणुद्भिदीय स्व असंगतता या अयोग्यता (SSI): यह असंगतता या अयोग्यता प्रक्रिया, पादप के बीजाणुद्भिदीय ऊतक के समजीनी द्वारा नियंत्रित होती है, जिससे पराग व्युत्पन्न होते हैं, उदाहरण- एस्टेरेसी, ब्रेसीकेसी।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन

    NCERT FINGERTIPS HINDI|Exercise एन.सी.ई.आर.टी. प्रश्न प्रदर्शिका|20 Videos
  • पारितंत्र

    NCERT FINGERTIPS HINDI|Exercise अभिकथन एवं तर्क प्रारूप प्रश्न|15 Videos
  • मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव

    NCERT FINGERTIPS HINDI|Exercise अभिकथन एवं तर्क प्रारूप प्रश्न (ASSERTION & REASON CORNER)|15 Videos
NCERT FINGERTIPS HINDI-पुष्पी पादपों में लैंगिक प्रजनन-अभिकथन एवं तर्क प्रारूप प्रश्न
  1. अभिकथनः आवृत्तबीजियों की एक प्रारूपिक लघुबीजाणुधानी साधारणतया चार भित्...

    Text Solution

    |

  2. अभिकथनः एक लघुबीजाणुधानी में टेपीटल कोशिकाएँ थोड़ा कोशिका द्रव्य और सा...

    Text Solution

    |

  3. अभिकथनः पराग कण का बाह्यचोल स्पोरोपोलेनिन्स का बना होता है, जो उच्च ता...

    Text Solution

    |

  4. अभिकथनः एक आवृत्तबीजी पुष्प रूपान्तरित संघनित प्ररोह को प्रस्तुत करता ...

    Text Solution

    |

  5. अभिकथनः एक अकेले क्रियात्मक गुरुबीजाणु से भ्रूणकोश के विकास की विधि को...

    Text Solution

    |

  6. अभिकथनः यद्यपि जीटोनोगैमी क्रियात्मक रूप से पर परागण की युक्ति है जिसम...

    Text Solution

    |

  7. अभिकथनः अधिकतर आवृत्तबीजियों में एक चतुष्क के लघुबीजाणु वृद्धि करते है...

    Text Solution

    |

  8. अभिकथन: नर युग्मकोद्भिद् की केवल परागण पूर्व वृद्धि लघुबीजाणुधानी के अ...

    Text Solution

    |

  9. अभिकथनः जल परागण आवृत्तबीजियों के अधिकांश जलीय पौधों में परागण की एक व...

    Text Solution

    |

  10. अभिकथनः स्वयं-असंगतता एक जेनेटिक प्रक्रिया है जो स्व पराग कणों (समान प...

    Text Solution

    |

  11. अभिकथनः आवृत्तबीजियों में भ्रूणपोष विकास भ्रूण विकास से पहले होता है। ...

    Text Solution

    |

  12. अभिकथनः नारियल (कोकोस न्यूसिफेरा) में नारियल पानी - कोशिकीय भ्रूणपोष प...

    Text Solution

    |

  13. अभिकथनः द्विबीजपत्रियों में भ्रूण विकास के दौरान सॅस्पेन्सर (निलम्बक) ...

    Text Solution

    |

  14. अभिकथन: पौधों में असंगजनन अलैंगिक प्रजनन का एक रूप है जो लैंगिक प्रजनन...

    Text Solution

    |

  15. अभिकथन: एक्सएल्ब्यूमिनस बीज कोई अवशेषी भ्रूणपोष धारण नहीं करते हैं, क्...

    Text Solution

    |