Home
Class 12
PHYSICS
दूरदर्शी एक प्रकाशीय उपकरण है जो कि अति ...

दूरदर्शी एक प्रकाशीय उपकरण है जो कि अति दूर स्थित वस्तुओं के परीक्षण में प्रयोग होता है। दो प्रकार के दूरदर्शी होते हैं, अपवर्तक व परावर्तक दूरदर्शी। अपवर्तक दूरदर्शी में दो अभिसारी लेन्स होते हैं, अभिदृश्यक एवं अभिनेत्र (नेत्रिका)।
अभिदृश्यक लेन्स वस्तु की ओर होता है। अभिदृश्यक द्वारा वस्तु का प्रतिबिम्ब अभिदृश्यक के फोकस तल में होता है। नेत्रिका की स्थिति को तब तक समायोजित किया जाता है जब तक कि प्रतिबिम्ब का निर्माण नेत्रिका के प्रथम फोकस पर नहीं हो जाता। आँखों की स्थिति नेत्रिका के निकट होती है जिससे आवर्धित प्रतिबिम्ब दिखाई देता है। यदि वस्तु का प्रतिबिम्ब अनन्त पर हो तो दूरदर्शी सामान्य समंजन की अवस्था में कहलाता है।
दूरदर्शी की विभेदन क्षमता में वृद्धि होती है, यदि

A

अधिक व्यास के अभिदृश्यक का प्रयोग किया जाये

B

कम व्यास के अभिदृश्यक का प्रयोग किया जाये

C

अधिक फोकस दूरी के अभिदृश्यक का प्रयोग किया जाये

D

कम फोकस दूरी के नेत्रिका का प्रयोग किया जाये

लिखित उत्तर

Verified by Experts

दूरदर्शी की विभेदन क्षमता `=(d)/(1.22lambda)`
अत: विभेदन क्षमता `f_(0)` व `f_(e)` पर निर्भर नहीं करती है |
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • प्रकाशीय उपकरण

    ARIHANT HINDI|Exercise प्रश्नावली ( विगत वर्षों के प्रश्न)|3 Videos
  • परमाणवीय भौतिकी

    ARIHANT HINDI|Exercise विगत वर्षो के प्रश्न|13 Videos
  • प्रक्षेप्य गति

    ARIHANT HINDI|Exercise प्रारम्भिक प्रश्नावली 1|5 Videos